कोरबा (CITY HOT NEWS)///
सीमित आमदनी में परिवार की जरूरतें पूरी करना मेहनतकश परिवारों के लिए बड़ी चुनौती होती है। कोरबा जिले के प्रमेन्द्र सिंह का परिवार भी पहले मुख्य रूप से मजदूरी पर निर्भर था। छह सदस्यों वाले परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी और नियमित आय का साधन नहीं था।
पशुधन विकास विभाग की डेयरी उद्यमिता विकास योजना की जानकारी मिलने पर प्रमेन्द्र सिंह ने योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया। योजना के सहयोग से उन्होंने गाय-भैंस पालन और दुग्ध उत्पादन का काम शुरू किया। इससे परिवार को आजीविका का एक नियमित साधन मिला और आर्थिक स्थिति में सुधार का रास्ता खुला।
डेयरी व्यवसाय से होने वाली आय ने परिवार की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में मदद की। अब प्रमेन्द्र सिंह पशुपालन को आगे बढ़ाकर अपनी आमदनी मजबूत करने की दिशा में प्रयासरत हैं। उनके अनुसार, पशुधन और डेयरी से जुड़ी यह योजना परिवार के लिए लाभकारी साबित हुई है।
सरकारी योजनाओं का उचित लाभ मिलने पर पशुपालन ग्रामीण परिवारों के लिए आय और आत्मनिर्भरता का प्रभावी माध्यम बन सकता है।


