कोरबा। चेक अनादरण के मामले में कांग्रेस नेता एवं सेलून संचालक आनंद कुमार श्रीवास को जेएमएफसी कोर्ट ने दोषसिद्ध करार दिया है। न्यायालय ने आरोपी को एक वर्ष के सश्रम कारावास और 5 लाख रुपये के जुर्माना से दण्डित किया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर आरोपी को तीन माह अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी।
इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए परिवादी देवी प्रसाद यादव ने बताया कि ब्लाक कांग्रेस कमेटी कोरबा के महामंत्री आनंद कुमार श्रीवास द्वारा गुप्ता गली में सेलून का संचालन किया जाता है, जहां परिवादी देवी प्रसाद से अभियुक्त आनंद कुमार श्रीवास का परिचय हुआ। इस दौरान आनंद कुमार श्रीवास उसकी माता शिव कुमारी श्रीवास और आनंद की पत्नी सुमन श्रीवास को अपने कार्य हेतु पैसे की आवश्यकता होने पर उन्होंने देवी प्रसाद यादव से संपर्क किया। परिवादी द्वारा आनंद कुमार श्रीवास को उनके व्यवसाय एवं पारिवारिक कार्य हेतु दिनांक 03.06.2023 को तीन लाख नब्बे हजार रूपये प्रदान किए गए थे। इस संबंध में उभयपक्ष के मध्य अनुबंध पत्र भी निष्पादित किया गया था। राशि प्राप्त करते समय श्रीवास परिवार द्वारा 6 माह में संपूर्ण राशि लौटाए जाने का आश्वासन दिया गया था। अनुबंध पत्र निष्पादित करते समय आनंद कुमार श्रीवास द्वारा चेक क्रमांक 000033 दिनांक 03.12.2023 राशि तीन लाख नब्बे हजार रूपये का चेक परिवादी को प्रदान किया गया था, बाद में आरोपी आनंद कुमार श्रीवास उधार की रकम वापस करने में आनाकानी करने लगा। परिवादी द्वारा जब आनंद कुमार श्रीवास द्वारा प्रदान किया गया चेक अपने बैंक में प्रस्तुत किया गया तो उक्त चेक अनादरित हो गया। इसके पश्चात् देवी प्रसाद यादव द्वारा इस संबंध में विधिक कार्यवाही करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोरबा के समक्ष प्रकरण प्रस्तुत किया गया।
संपूर्ण विवेचना के पश्चात् न्यायालय ने यह अवधारित किया कि अभियुक्त आनंद कुमार श्रीवास के द्वारा परिवादी देवी प्रसाद यादव के पक्ष में चेक जारी किया गया था, जो आनंद कुमार श्रीवास का खाता ब्लॉक होने के कारण अनादरित हो गया। कोर्ट ने अभियुक्त आनंद कुमार श्रीवास को परक्राम्य लिखत अधिनियम 1881 की धारा 138 के तहत दोषसिद्धि पाते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इस दौरान आनंद कुमार श्रीवास के द्वारा किए गए कृत्यों से शिकायतकर्ता देवी प्रसाद यादव को हुई मानसिक एवं आर्थिक क्षति सहित अन्य व्यय की प्रतिकर राशि के लिए 5 लाख रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया। यदि अभियुक्त आनंद कुमार श्रीवास जुर्माने की राशि तय समय में अदा नहीं करता है तो उसे 3 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। प्रकरण में परिवादी देवी प्रसाद यादव की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुराग मोहितनाथ एवं अधिवक्ता महेश शुक्ला ने पैरवी की। न्यायालय के फैसले के उपरांत शिकायत कर्ता देवी प्रसाद यादव ने इसे न्याय की जीत बताया।


