
- डबरी में मछली पालन और सब्जी उत्पादन से बढ़ी आमदनी, कलेक्टर ने रामभजन के प्रयासों की सराहना की
- बकरी पालन शुरू करने के लिए भी स्वीकृति देने के निर्देश
कवर्धा,(CITY HOT NEWS)//
ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के साधनों को बढ़ावा देने और हितग्राहियों को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों से सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने आज पोड़ी पहुंचकर हितग्राही श्री रामभजन द्वारा किए जा रहे सब्जी उत्पादन एवं मछली पालन कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने हितग्राही से चर्चा कर आजीविका गतिविधियों की जानकारी ली और उनके प्रयासों की सराहना करते हुए निरंतर मेहनत और नए रोजगार के साधन अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक अग्रवाल, एसडीएम श्री आशुतोष शर्मा, सीईओ जनपद सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
हितग्राही रामभजन को कुल 50 डिसमिल भूमि पर आजीविका गतिविधियों के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसमें 29 डिसमिल भूमि पर डबरी का निर्माण किया गया है। इस कार्य के लिए कुल 1 लाख 80 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी, जिसमें से 1 लाख 70 हजार 926 रुपये व्यय किए जा चुके हैं। डबरी का उपयोग मछली पालन के साथ-साथ आजीविका संवर्धन के लिए किया जा रहा है।
हितग्राही द्वारा डबरी के आसपास सब्जी उत्पादन भी किया जा रहा है। इससे उन्हें प्रति सप्ताह लगभग 600 से 700 रुपये की आमदनी हो रही है। इस प्रकार सब्जी बिक्री से प्रतिमाह करीब 3 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है। वहीं मछली पालन के लिए डबरी में लगभग 1500 मछली के बीज डाले गए हैं। अनुमान के अनुसार छह माह में मछलियों का औसत वजन लगभग आधा किलोग्राम होने पर करीब 750 किलोग्राम उत्पादन प्राप्त हो सकता है। वर्तमान अनुमानित बाजार दर 150 रुपये प्रति किलोग्राम के अनुसार इससे लगभग 1 लाख 12 हजार 500 रुपये की बिक्री संभव है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने हितग्राही से अन्य आजीविका गतिविधियों को अपनाने के संबंध में भी चर्चा की। रामभजन ने बकरी पालन शुरू करने की इच्छा जताई। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को बकरी पालन गतिविधि के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर स्वीकृति प्रदान करने के निर्देश दिए, ताकि हितग्राही की आय के अतिरिक्त साधन विकसित हो सकें। कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर कृषि, मछली पालन, सब्जी उत्पादन और पशुपालन जैसी गतिविधियों को अपनाने से परिवारों की आमदनी बढ़ाने के अवसर मिलते हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को हितग्राहियों को आजीविका गतिविधियों में निरंतर मार्गदर्शन एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

