
रायपुर (CITY HOT NEWS)//
गरीबी और लाचारी जब किसी मासूम के जीवन पर भारी पड़ने लगे, तो शासन की संवेदनशील योजनाएं किस तरह फरिश्ता बनकर आती हैंकृइसकी बानगी पेश करती है सारंगढ़ विकासखंड के ग्राम कोसीर निवासी मासूम रुद्रांश अजगल्ले की कहानी। जन्म से ही दिल में छेद जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे रुद्रांश को आखिरकार श्चिरायु योजनाश् के जरिए नई जिंदगी मिल गई है।
आर्थिक तंगी बनी थी इलाज में सबसे बड़ी दीवार
रुद्रांश जब पैदा हुआ, तो परिवार में खुशियों की जगह गहरी चिंता ने ले ली। बच्चे की गंभीर बीमारी के बारे में जब पता चला, तो माता-पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। महंगे इलाज और ऑपरेशन का खर्च उठाना इस गरीब परिवार के बूते से बाहर था। पैसे के अभाव में वे घुट-घुटकर जीने को मजबूर थे और हर दिन अपने जिगर के टुकड़े की तकलीफ को चुपचाप देखने के सिवा उनके पास कोई चारा नहीं था।
‘चिरायु’ टीम ने थामा हाथ और जगी उम्मीद
निराशा के इस अंधकार में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत काम करने वाली श्चिरायु टीमश् इस परिवार के लिए उम्मीद की किरण बनकर आई। टीम ने आंगनबाड़ी और विद्यालय स्तर पर नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान रुद्रांश की बीमारी की सही पहचान की। इसके बाद तुरंत उसे आगे की जांच और उपचार प्रक्रिया से जोड़ा गया।
जांच में पुष्टि होने के बाद, चिरायु टीम की त्वरित पहल और प्रशासनिक सहयोग से रायपुर के वेंकटेश हॉस्पिटल में 08 जुलाई 2026 को रुद्रांश का जटिल हृदय ऑपरेशन पूरी तरह निःशुल्क संपन्न हुआ।
लौट आई घर की खुशियां, सामान्य बच्चों की तरह खेल रहा है रुद्रांश
सफल ऑपरेशन के बाद अब रुद्रांश के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ है। सारंगढ़ की चिरायु टीम श्एश् ने हाल ही में उसके घर पहुंचकर स्वास्थ्य का जायजा लिया और जरूरी परीक्षण किए। आज बीमारी के वे काले दिन पीछे छूट चुके हैं और रुद्रांश किसी भी सामान्य बच्चे की तरह हंस-खेल रहा है। अपने बेटे को खिलखिलाते देख माता-पिता की आंखें खुशी से छलक आती हैं।
जनकल्याणकारी योजनाओं का मिल रहा है लाभ
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिला प्रशासन जरूरतमंद बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। समय पर पहचान, सटीक मार्गदर्शन और मुफ्त इलाज ने साबित कर दिया है कि शासन की जनहितैषी योजनाएं किस तरह आम आदमी के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। मासूम रुद्रांश की यह मुस्कान आज हर उस जरूरतमंद परिवार के लिए संबल है, जो कभी लाचारी के आगे बेबस हुआ करता था।

