
रायपुर (CITY HOT NEWS)//

किसी भी समाज के समावेशी विकास की असली कसौटी यह है कि उसके अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक शासन की योजनाओं की पहुँच कितनी सहज और प्रभावी है। राज्य शासन के सेवा संकल्प अभियान ने इस सोच को धरातल पर उतारते हुए सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के दिव्यांगजनों के जीवन में आत्मनिर्भरता, सम्मान और नई उम्मीद का एक नया सवेरा ला दिया है। जिला अस्पताल सारंगढ़ के सभाकक्ष में समाज कल्याण विभाग और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक विशेष शिविर ने दूर-दराज से आए दिव्यांगजनों के चेहरों पर गहरी मुस्कान बिखेर दी।
एक ही छत के नीचे पूरी हुईं वर्षों पुरानी जरूरतें
इस विशेष शिविर में जिलेभर से पहुँचे 281 दिव्यांगजनों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में जनप्रतिधियों ने दिव्यांगजनों और उनके परिजनों से आत्मीय मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया तथा उनके सशक्तिकरण की दिशा में साजो-सामान और उपकरणों का वितरण किया। इस दौरान समाज कल्याण विभाग द्वारा पात्र 15 दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप व्हीलचेयर, छड़ी, बैसाखी और श्रवण यंत्र जैसे सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इन उपकरणों के मिलने से दिव्यांगजनों के लिए दैनिक जीवन में आवागमन और अन्य गतिविधियां बेहद आसान हो गई हैं। इसके साथ ही 14 दिव्यांगजनों को निःशुल्क बस यात्रा के लिए परिवहन पास भी सौंपे गए, जिससे उन्हें आवागम की बड़ी राहत मिली है।
शिविर का एक अन्य प्रमुख आकर्षण स्वास्थ्य विभाग के जिला मेडिकल बोर्ड द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाएं रहीं। अक्सर स्वास्थ्य परीक्षण, मेडिकल बोर्ड के चक्कर और प्रमाणपत्रों की जटिल प्रक्रिया दिव्यांगजनों के लिए बड़ी चुनौती बनती है, लेकिन इस बार मेडिकल बोर्ड के माध्यम से मौके पर ही आवश्यक चिकित्सकीय मार्गदर्शन और प्रमाणीकरण की सुविधा मिली। इस अवसर पर 10 दिव्यांगजनों को तत्काल यूडीआईडी प्रमाणपत्र प्रदान किए गए, जिससे अब उन्हें भविष्य में शासन की विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी तरह की कठिनाई नहीं होगी।
विवाह प्रोत्साहन- नए जीवन को मिला आर्थिक व सामाजिक संबल
सुशासन और संवेदनशीलता की मिसाल
इस आयोजन का सबसे भावुक और प्रेरणादायक क्षण दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना के क्रियान्वयन का रहा। योजना के तहत दो पात्र नवदंपतियों को 50-50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। कुल एक लाख रुपए की इस आर्थिक सहायता ने न केवल उनके नए दांपत्य जीवन को संबल दिया, बल्कि दिव्यांगजनों के सामाजिक सशक्तिकरण और सम्मानजनक जीवन को भी एक नया आयाम दिया। कार्यक्रम के दौरान समाज कल्याण विभाग, जिला अस्पताल के संबंधित अधिकारी – कर्मचारी और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

