
- बैंक ऋण और आधुनिक मल्चिंग तकनीक से खेती को बनाया आय का जरिया
रायपुर (CITY HOT NEWS)//
मेहनत, आत्मविश्वास और आधुनिक कृषि तकनीक के सहारे ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं। इसकी प्रेरक मिसाल पेंड्रा विकासखंड के ग्राम पंचायत अमरपुर की श्रीमती रिंकी गुप्ता हैं, जिन्होंने स्व-सहायता समूह से जुड़कर खेती को आजीविका का सशक्त माध्यम बनाया है। दीप महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य रिंकी गुप्ता आज ‘लखपति दीदी’ बनकर अन्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता की राह दिखा रही हैं।
रिंकी गुप्ता और उनके समूह की महिलाओं ने परंपरागत खेती से आगे बढ़कर आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाया है। समूह द्वारा लगभग तीन एकड़ भूमि लीज पर लेकर मल्चिंग पद्धति से सब्जियों की खेती की जा रही है। बेहतर कृषि प्रबंधन और सामूहिक मेहनत के बल पर समूह ने पत्ता गोभी की खेती से लगभग 8 लाख रुपये की आय अर्जित की है। इस सफलता से उत्साहित समूह की महिलाएं अब टमाटर की खेती कर अपनी आमदनी बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
रिंकी गुप्ता बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। समूह के माध्यम से बैंक ऋण की सुविधा मिलने से खेती के लिए आवश्यक संसाधन जुटाना आसान हुआ है। आधुनिक तकनीक, बेहतर कृषि प्रबंधन और समूह की महिलाओं के सामूहिक प्रयासों ने उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज वे आत्मविश्वास के साथ खेती कर रही हैं और अन्य महिलाओं को भी स्वावलंबन के लिए प्रेरित कर रही हैं।
रिंकी गुप्ता ने बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त की राशि भी प्राप्त हो गई है। योजना के तहत मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता उनके लिए अतिरिक्त संबल साबित हो रही है। उन्होंने स्व-सहायता समूह के माध्यम से आजीविका संवर्धन के अवसर मिलने और महतारी वंदन योजना से आर्थिक सहयोग प्राप्त होने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
अमरपुर की रिंकी गुप्ता की सफलता यह संदेश देती है कि जब महिलाओं को संगठित होकर काम करने का अवसर, वित्तीय संसाधन और आधुनिक तकनीक का साथ मिलता है, तो वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत बना सकती हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।

