बिलासपुर// छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में जमीन बंटवारे के नाम पर 25 हजार रुपए रिश्वत लेने वाले पटवारी को सस्पेंड कर दिया गया है। रिश्वत लेने का वीडियो भी सामने आया है। वायरल वीडियो में पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी पहले तो पैसे लेने से मना करता है और कहता है, ‘ये पैसा मेरी जेब में जाता तो ठीक रहता।’ हालांकि, बाद में उसने पैसे रख लिए और कहा, ‘मामला क्लियर ही रखना, कहीं बाद में झुकना न पड़ जाए।’

वीडियो सालभर पुराना है। रिश्वत देने वाले ने वीडियो वायरल करने की धमकी दी, तो पटवारी ने थाने में ब्लैकमेलिंग की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाया, जहां समझौता हो गया। लेकिन बाद में वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस पर कार्रवाई करते हुए कलेक्टर ने पटवारी को सस्पेंड कर दिया है। मामला पचपेड़ी थाना क्षेत्र का है।
देखिए तस्वीरें…

पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी, जिसे रिश्वत लेने के आरोप में सस्पेंड किया गया है।

जमीन बंटवारे के नाम पर पटवारी का 25 हजार रुपए रिश्वत लेते वीडियो वायरल हो रहा है।

25 हजार रुपए देते पटवारी का वीडियो बनाया गया था।
जानिए क्या है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, ग्राम लोहर्सी सोन निवासी ओम प्रकाश साहू ने यह वीडियो बनाया है। उसने बताया कि, पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी की पोस्टिंग साल भर पहले लोहर्सी सोन के हल्का नंबर में थी। इसी दौरान कपिल साहू की जमीन का बटांकन करने के लिए उसने 50 हजार रुपए की डिमांड की थी, जिसमें से 25 हजार रुपए देते हुए उसका वीडियो बनाया गया था।
पटवारी ने थाने में की शिकायत
ओमप्रकाश साहू ने बताया कि, इस बीच पटवारी का तबादला पचपेड़ी हल्का नंबर में कर दिया गया। अपने पदस्थापन के दौरान पटवारी ने कपिल साहू के राजस्व संबंधी एक केस को बिगाड़ दिया, जिसे सुधारने के लिए उस पर दबाव बनाया गया। साथ ही पटवारी के रिश्वत लेने वाला यह वीडियो वायरल करने की धमकी भी दी गई। तब, पटवारी ने 1 हफ्ते पहले इस मामले में ब्लैंकमेलिंग की पचपेड़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई।
दोनों पक्षों ने किया समझौता, अब वीडियो वायरल
पचपेड़ी थाने में पटवारी की शिकायत पर दोनों पक्षों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया। इस दौरान ओम प्रकाश साहू से भी पूछताछ की गई। लेकिन, अपनी बदनामी के डर से पटवारी ने अपने ब्लैकमेलिंग के केस पर समझौता कर लिया। वहीं, दूसरी तरफ पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी का साल भर पहले 25 हजार रुपए रिश्वत लेने वाला वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह रिश्वत लेते नजर आ रहा है।
कलेक्टर ने पटवारी को किया सस्पेंड
इधर, वायरल वीडियो पर एक्शन लेते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने शासकीय राजस्व कार्य के लिए रिश्वत लेने के मामले में पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
दावा किया जा रहा है कि पचपेड़ी तहसीलदार के जांच प्रतिवेदन के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। तहसीलदार ने प्रारंभिक जांच में पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी के रिश्वत लेने की पुष्टि की है।

कलेक्टर संजय अग्रवाल ने पटवारी को निलंबित कर दिया है।
राजस्व विभाग की छवि को किया धुमिल
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अपने आदेश में पटवारी के कृत्य को सिविल सेवा आचरण नियमों के विपरीत और गंभीर कदाचरण की श्रेणी में मानते हुए राजस्व विभाग की छवि धूमिल करने वाला बताया है।
निलंबन अवधि में गोस्वामी का मुख्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, कोटा कार्यालय निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। कलेक्टर ने तहसीलदार पचपेड़ी को संबंधित पटवारी के खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर 7 दिनों के अंदर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं।

