कन्या छात्रावास की अधीक्षिका निलंबित….छात्राओं से मालिश करवाने, निजी घरेलू काम लेने और अभद्र व्यवहार के आरोपों की जांच के बाद की कार्यवाही…मेन्यू के अनुसार खाना नहीं, गुणवत्ता भी खराब

कोरबा// कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा स्थित 100 सीटर कन्या छात्रावास की अधीक्षिका शारदा नेताम को निलंबित कर दिया गया है। छात्राओं से मालिश करवाने, निजी घरेलू काम लेने और अभद्र व्यवहार के आरोपों की जांच के बाद शिक्षा विभाग ने यह कार्रवाई की है। जांच में छात्रावास की भोजन व्यवस्था और अधीक्षिका के व्यवहार को लेकर भी गंभीर कमियां सामने आईं।

जांच में खराब भोजन, देर रात पूजा-पाठ और अभद्र व्यवहार की शिकायतें भी सही मिलीं - Dainik Bhaskar

जांच में खराब भोजन, देर रात पूजा-पाठ और अभद्र व्यवहार की शिकायतें भी सही मिलीं

शारदा नेताम मूल रूप से शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला अमलडीहा में सहायक शिक्षक एलबी के पद पर पदस्थ थीं। प्रतिनियुक्ति पर वह पोड़ी उपरोड़ा कन्या छात्रावास की अधीक्षिका की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। निलंबन आदेश बिलासपुर संभाग के संयुक्त संचालक शिक्षा ने जारी किया है।

पोड़ी उपरोड़ा में 6 अगस्त को छात्राओं ने सड़क पर उतरकर किया था प्रदर्शन

पोड़ी उपरोड़ा में 6 अगस्त को छात्राओं ने सड़क पर उतरकर किया था प्रदर्शन

छात्राओं ने सड़क पर उतरकर किया था प्रदर्शन

मामला 6 अगस्त 2026 का है। अधीक्षिका के व्यवहार से परेशान छात्राओं ने मुख्य सड़क पर प्रदर्शन करते हुए उन्हें हटाने और उनकी जगह दूसरी अधीक्षिका नियुक्त करने की मांग की थी।

छात्राओं ने आरोप लगाया था कि उनसे मालिश करवाने, घरेलू काम कराने और अभद्र व्यवहार किया जाता है। शिकायत सामने आने के बाद मामले की जांच शुरू की गई।

तीन प्राचार्यों की समिति ने की जांच

पोड़ी उपरोड़ा के SDM ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन वरिष्ठ प्राचार्यों की जांच समिति गठित की थी। समिति ने छात्रावास पहुंचकर छात्राओं के बयान लिए और वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

जांच रिपोर्ट में अधीक्षिका का छात्राओं के प्रति व्यवहार उचित नहीं पाए जाने की बात सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, मालिश करवाने और निजी घरेलू काम लेने के आरोप सही पाए गए।

मेन्यू के अनुसार खाना नहीं, गुणवत्ता भी खराब

जांच में छात्रावास के भोजन को लेकर भी शिकायतें सामने आईं। रिपोर्ट के मुताबिक, छात्राओं को मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा था और खाने की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं थी।

इसके अलावा अधीक्षिका द्वारा छात्रावास परिसर में देर रात तक पूजा-पाठ और घंटी बजाने की बात भी जांच में सामने आई। इससे छात्राओं की पढ़ाई और नींद प्रभावित होने की बात कही गई।

गंभीर कदाचार मानकर किया निलंबन

कोरबा जिला शिक्षा अधिकारी से मिले प्रस्ताव और जांच रिपोर्ट के आधार पर संयुक्त संचालक शिक्षा ने शारदा नेताम के कृत्यों को गंभीर कदाचार माना। इसके बाद उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, पोड़ी उपरोड़ा निर्धारित किया गया है। शिक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद छात्रावास की व्यवस्थाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर निगरानी बढ़ाने की उम्मीद है।

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