गरियाबंद// छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में छात्राओं को अश्लील इशारे और ब्रेक में बैड टच करने के आरोप में प्रिंसिपल को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। प्रिंसिपल ने विरोध करने पर 4 छात्राओं को फेल किया था, जबकि 7 बच्चियों के साथ अश्लीलता की। छुरा थाना क्षेत्र का है।
मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी प्रिंसिपल का नाम गोपेश्वर वर्मा है, जो फिंगेश्वर निवासी है। वह अकलवारा हायर सेकेंडरी स्कूल में पदस्थ था। पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से कोर्ट ने जेल भेज दिया है।

छात्राओं और उनके परिजनों ने 5 जुलाई को स्कूल में ताला लगा दिया और प्रदर्शन किया।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, कुछ दिनों पहले अकलवारा हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल गोपेश्वर वर्मा की करतूत की DEO और BEO से शिकायत की गई थी। जांच में गोपेश्वर वर्मा की करतूत की पुष्टि हुई थी, लेकिन शिक्षा विभाग आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा था।
इसके बाद मामले में कार्रवाई नहीं होने पर छात्राओं और उनके परिजनों ने 5 जुलाई को स्कूल में ताला लगा दिया और प्रदर्शन किया। अभिभावकों का कहना था कि मामला गंभीर है और प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन आरोपी पर मेहरबानी बरती जा रही है।
स्कूल में ताला लगाने के 4 घंटे बाद तहसीलदार रमेश मेहता ने BEO की मौजूदगी में ताला खुलवाया। तहसीलदार ने भरोसा दिलाया था कि प्रिंसिपल को हटा दिया जाएगा। अधिकारियों ने परीक्षा परिणाम से जुड़े दस्तावेज और पंजी जब्त कर लिया था।

छात्राओं और उनके परिजनों ने स्कूल में ताला जड़कर प्रदर्शन किया था, जिसके बाद प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे।
प्रदर्शन के बाद डीईओ ने प्रिंसिपल को हटाया था
प्रदर्शन के बाद DEO ने आरोपी प्रिंसिपल को प्रभारी पद से हटा दिया था। जिला शिक्षा अधिकारी एके सारस्वत ने कहा था कि तत्काल हमने आज प्रभारी प्राचार्य को हटवा दिया है। पहले हुई जांच में प्राचार्य ने सहयोग नहीं किया। दोबारा जांच की जा रही है। अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

पीड़ित छात्राओं ने बताया था कि प्रिंसिपल जीपी वर्मा लड़कियों को गलत तरीके से टच करते हैं।
अब जानिए प्रिंसिपल पर स्टूडेंट्स ने क्या आरोप लगाए थे ?
पीड़ित छात्रा छाया (बदला हुआ नाम) ने बताया था कि प्रिंसिपल जीपी वर्मा लड़कियों को गलत तरीके से टच करते हैं और अजीब से इशारे करते हैं। स्कूल की 11 छात्राओं के साथ उन्होंने अनुचित व्यवहार किया। विरोध करने पर मार्कशीट से खिलवाड़ कर दिया।
वहीं एक अन्य पीड़िता रिया (बदला हुआ नाम) ने बताया था कि प्रिंसिपल जीपी वर्मा के गलत व्यवहार से हम कंफर्टेबल नहीं हैं। उनके इस व्यवहार के बाद हमारे साथ भेदभाव किया जा रहा है। बायोलॉजी के स्टूडेंट्स हमें अलग कर देते हैं। नए टीचर आने के बाद भेदभाव खत्म होना चाहिए।
स्कूल में ताला लगाने पहुंचे अभिभावक राज कुमार ने कहा कि प्रिंसिपल छात्रा के साथ बहुत दिनों से मनमानी कर रहा है। ब्रेक के समय में उन्हें बुलाकर व्यक्तिगत बात करता है, शारीरिक तौर पर प्रताड़ित करता है। कई ऐसी बातें हैं जिन्हें छात्रा बता नहीं पाती। हम सबूत के साथ DEO को आवेदन दिया, लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया।

छुरा पुलिस ने आरोपी प्रिंसिपल को गिरफ्तार किया है। ये तस्वीर प्रिंसिपल गोपेश्वर वर्मा की है।
गरियाबंद एसपी ने बनाई थी जांच टीम
एसपी निखिल राखेचा ने मामले का संज्ञान लेते हुए अलग से जांच टीम बनाई। जांच में छात्राओं के बयान के आधार पर आरोप सही पाए गए। 11वीं की 4 छात्राओं को फेल कर दिया था, जबकि रिकॉर्ड में दर्ज अंकों के अनुसार वे पास थीं। एडिशनल एसपी जितेंद्र चंद्राकर ने इस मामले की पुष्टि की है।


