छत्तीसगढ़: पहली से आठवीं के बच्चों को मिलेगा अगली क्लास में एडमिशन, प्रोग्रेस रिपोर्ट देने के आदेश जारी…9वीं और 11वीं की परीक्षा का जिम्मा स्कूलों पर…

जिला शिक्षा अधिकारियों को प्रोग्रेस रिपोर्ट देने कहा गया है। जो कि जल्द ही जारी कर दिए जाएंगे। सिंबॉलिक फोटो। - Dainik Bhaskar

जिला शिक्षा अधिकारियों को प्रोग्रेस रिपोर्ट देने कहा गया है। जो कि जल्द ही जारी कर दिए जाएंगे। सिंबॉलिक फोटो।

  • छत्तीसगढ़ के लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को भेजा पत्र
  • 10वीं की 15 अप्रैल और 12वीं की परीक्षा 3 मई से होनी है आयोजित,..

रायपुर छत्तीसगढ़ में लगभग पूरे साल स्कूल बंद रहने के बाद इस बार कक्षा पहली से 8वीं तक के बच्चे अगली कक्षा में प्रमोट कर दिए जाएंगे। हालांकि यह नियम पिछले लंबे वक्त से राज्य में लागू है। इस बार भी इसे जारी रखने को कहा गया है। लोक शिक्षण संचालनालय की तरफ से शुक्रवार को जारी आदेश में कहा गया है कि बच्चों को अगली कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा। इस बार चूंकि स्कूल बंद रहे तो ऑनलाइन और ऑफलाइन क्लासेस की एक्टिविटी का मुल्यांकन कर बच्चों को प्रोग्रेस रिपोर्ट दी जाएगी।

नहीं होती परीक्षा
माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष डॉ आलोक शुक्ला ने बताया कि हर साल आठवीं तक के बच्चों को प्रमोट किया जाता है। उनकी परीक्षा नहीं ली जाती। इस बार भी वही नियम लागू रहेगा। आदेश में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा गया है कि कोविड काल के दौरान पढ़ई तुहंर दुआर (पढ़ाई आपके द्वार ) कार्यक्रम में बच्चों की परफॉर्मेंस के हिसाब से उन्हें प्रोग्रेस रिपोर्ट दी जाएगी। जल्द ही लेटर बच्चों को जारी कर उन्हें दूसरी कक्षा में प्रवेश दे दिया जाएगा।

10वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स के लिए
माध्यमिक शिक्षा मंडल की तरफ से जारी निर्देशों के मुताबिक दसवीं कक्षा की परीक्षा 15 अप्रैल 1 मई तक चलेगी। 12वीं कक्षा की परीक्षा 3 मई से शुरू होकर 24 मई तक चलेगी । ये दोनों ही परीक्षा ऑफलाइन मोड में होगी। यानी स्टूडेंट्स कों सेंटर्स में जाकर परीक्षा देनी होगी। इस साल कोविड के खतरे को देखते हुए यह किया गया है कि बच्चे जिस स्कूल में पढ़ते हैं, उन्हें वहीं परीक्षा देनी होगी। अलग सेंटर्स नहीं बनाए जा रहे।

प्रैक्टिकल एग्जाम को लेकर निर्देश
इस साल प्रैक्टिकल परीक्षाएं 10 फरवरी से शुरू हो जाएंगी परीक्षाओं में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी होगा। स्कूलों को इस बात की आजादी होगी कि वो एक दिन में दो या तीन शिफ्ट में परीक्षा लें। प्रयोगिक परीक्षा को लेकर कहा गया है कि बच्चों की संख्या ज्यादा हो तो दो या तीन दिन में एक ही विषय की परीक्षा स्कूल ले सकेंगे। ताकि भीड़ ना जुटे। प्रायोगिक परीक्षाएं 10 मार्च से पहले पहले खत्म कर ली जाएंगी ।

9वीं और 11वीं के स्टूडेंट्स के लिए
कक्षा पहली से आठवीं के बच्चों की तरह 9वीं और 11वीं के बच्चों को सुविधा नहीं मिलेगी। 9वीं और 11वीं कक्षा के स्टूडेंट्स के लिए परीक्षा ली जाएगी। माध्यमिक शिक्षा मंडल की तरफ से कहा गया है कि कक्षा 9वी और 11वीं के एग्जामिनेशन स्कूल में होंगे। बच्चे जिस स्कूल में पढ़ते हैं परीक्षा वहीं होगी। परीक्षा का आयोजन पूरी तरह से उसी स्कूल के जिम्मे होगा। स्कूल ही टाइम टेबल जारी करेंगे और प्रश्न पत्र तैयार करेंगे। आंसर शीट जांचने और रिजल्ट जारी करने का जिम्मा भी स्कूलों का होगा।

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