ड्रिप और मल्चिंग से खेती को मिली नई दिशा, संतोष सिंह की आय पाँच गुना बढ़ी

ड्रिप और मल्चिंग से खेती को मिली नई दिशा, संतोष सिंह की आय पाँच गुना बढ़ी

कोरबा (CITY HOT NEWS)///


कभी केवल वर्ष में एक बार धान की खेती पर निर्भर रहने वाले ग्राम भटगांव, ग्राम पंचायत चुइया निवासी श्री संतोष सिंह अब आधुनिक तकनीक से खेती कर बेहतर आमदनी अर्जित कर रहे हैं। उद्यानिकी विभाग की राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना से मिले सहयोग ने उनकी खेती को नई दिशा दी और परिवार की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया।
योजना का लाभ मिलने से पहले संतोष सिंह पारंपरिक तरीके से धान की खेती करते थे। सिंचाई के पर्याप्त साधन और उन्नत कृषि तकनीक का अभाव होने के कारण खेती से होने वाली आमदनी सीमित थी। परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उस समय उनकी वार्षिक आय लगभग 60 हजार रुपये थी।
उद्यानिकी विभाग के माध्यम से उन्हें राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत आधुनिक कृषि तकनीकों और उपलब्ध शासकीय सहायता की जानकारी मिली। उन्होंने योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया। विभागीय सहयोग से उन्हें ड्रिप सिंचाई के लिए 55 हजार रुपये तथा भिंडी की खेती एवं मल्चिंग के लिए 20 हजार रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ।
ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक को अपनाने के साथ संतोष सिंह ने खेती के तौर-तरीकों में बदलाव किया। पानी का बेहतर प्रबंधन, उन्नत कृषि तकनीक तथा खाद और दवा के संतुलित उपयोग से फसल की पैदावार और गुणवत्ता में सुधार हुआ। खेती अब उनके लिए केवल पारंपरिक गतिविधि नहीं, बल्कि आय का मजबूत साधन बन गई है।
तकनीक और शासकीय सहायता के इस मेल का परिणाम यह रहा कि संतोष सिंह की वार्षिक आय 60 हजार रुपये से बढ़कर लगभग 3 लाख रुपये हो गई। आय में हुई इस वृद्धि से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आया है।
संतोष सिंह बताते हैं कि “पहले मैं पारंपरिक तरीके से केवल धान की खेती करता था, जिससे आमदनी बहुत कम होती थी। उद्यानिकी विभाग की राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना से ड्रिप और मल्चिंग तकनीक से खेती करने का अवसर मिला। इससे फसल की पैदावार बढ़ी और मेरी आय लगभग 3 लाख रुपये सालाना तक पहुंच गई। योजना से मुझे खेती को बेहतर तरीके से करने का भरोसा मिला और मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति में भी काफी सुधार हुआ।”
संतोष सिंह ने बताया कि  उन्नत कृषि तकनीक, सही मार्गदर्शन और शासकीय योजनाओं का सहयोग किसानों की आय बढ़ाने के साथ उनकी खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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