सरगुजा// ,छत्तीसगढ़ के सरगुजा में एक बेटे ने अपने मां-बाप को मारकर बोरी में बांधा फिर घर बंद कर फरार हो गया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। ग्राम सपड़ा के परसापारा में जदू यादव (34) की शादी नहीं हुई थी, माता-पिता शादी पर ध्यान नहीं देते थे, उसे नजरअंदाज करते थे, इस बात को लेकर वह आए दिन झगड़ता था।

मामला धौरपुर थाना क्षेत्र का है। 17 अगस्त को खाने को लेकर मां से विवाद हुआ, जिसके बाद जदू ने गुस्से में कुल्हाड़ी से माता-पिता के सिर पर वार कर दिया। सिर में गंभीर चोट लगने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद लाश को ठिकाने लगाने बोरी में बांध दिया और कमरे में फैला खून साफ किया, बदबू न फैले इसके लिए गोबर से कमरे की लिपाई की थी।
पहले देखें तस्वीरें…

बोरों में बांधकर रखा गया था दंपती का शव।

हीराधर यादव, पत्नी गुलाबी यादव बड़े बेटे जदू यादव के साथ पुराने घर में रहते थे।

हत्या का आरोपी जदू यादव (34)।
पढ़िए सिलसिलेवार पूरी कहानी…
जानकारी के मुताबिक, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सपड़ा के परसापारा में हीराधर यादव (55) गांव के बड़े किसान थे। वे अपनी पत्नी गुलाबी यादव (50) और बड़े बेटे जदू यादव (34) के साथ पुराने घर में रहते थे। जदू भी खेती किसानी करता था।
उनका छोटा बेटा मोहन अपनी पत्नी और बच्चों के साथ गांव में ही दूसरे घर में रहता है। 17 अगस्त की सुबह मोहन दूध लेने पुराने घर पहुंचा, लेकिन घर के दोनों दरवाजे बाहर से बंद मिले। दरवाजों पर कुंडी लगी हुई थी।
बोरे में बंद मिला था शव
उसने घर में काम करने वाले नौकर सुकृत नागेश के साथ आसपास और खेतों में भी माता-पिता, बड़े भाई की तलाश की, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला। इसके बाद मोहन ने घर की कुंडी खोलकर अंदर तलाश शुरू की। इस दौरान उन्हें एक कमरे में ताला लगा मिला। ताला तोड़कर दरवाजा खोला गया तो दोनों का शव बोरे में बंद मिला था।
पुलिस ने शुरू की जांच
इसके बाद मोहन ने मामले की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही धौरपुर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में हत्या की आशंका जताई गई है। पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की।
ताजे गोबर से की गई थी कमरे की लिपाई
धौरपुर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और शवों का पंचनामा किया। जहां शव मिला वहां ताजे गोबर से लिपाई की गई थी। दीवाल में खून के छींटे थे। पुलिस जांच में सामने आया कि बड़ा बेटा जदू घर पर मौजूद नहीं था और उसका मोबाइल फोन भी बंद था। इसके बाद पुलिस को उस पर शक हुआ। पुलिस ने इसी एंगल से जांच आगे बढ़ाई और जदू की तलाश शुरू कर दी।
छोटे बेटे के घर से सब्जी लाने पर हुआ विवाद
घटना के 4 दिन बाद पुलिस ने जदू को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके माता-पिता उसे नजरअंदाज करते थे और छोटे बेटे पर ज्यादा ध्यान देते थे। 17 अगस्त की रात घर में सब्जी नहीं बनी थी, इसलिए माता-पिता छोटे बेटे के घर से सब्जी लेकर आए थे।
इसी बात को लेकर विवाद हुआ। माता-पिता के सोने के बाद जदू ने कुल्हाड़ी से उन पर हमला कर दिया। आरोपी के खिलाफ पुलिस ने धारा 103(1), 238 बीएनएस के तहत कार्रवाई करते हुए उसे कोर्ट में पेश कर दिया है।

