भाभी की हत्या और बड़े भाई की हत्या के प्रयास के मामले में आरोपी को उम्रकैद की सजा…हथौड़े और लोहे की रॉड से किया था हमला..

जगदलपुर// भाभी की हत्या और बड़े भाई की हत्या के प्रयास के मामले में जगदालपुर सत्र न्यायालय ने आरोपी देवर को दोहरी सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी नीलू उर्फ नीलूराम मंडावी को हत्या के मामले में आजीवन कारावास और हत्या के प्रयास के मामले में 7 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट में करीब 15 गवाहों के बयान दर्ज हुए।

भाभी की हत्या के मामले में देवर को उम्रकैद - Dainik Bhaskar

भाभी की हत्या के मामले में देवर को उम्रकैद

वहीं दोनों धाराओं में आरोपी पर 100-100 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। मामले की सुनवाई सत्र न्यायाधीश गोविंद नारायण जांगड़े की अदालत में हुई।

अभियोजन के अनुसार, परपा थाना क्षेत्र के ग्राम बड़े बोदाल निवासी बोड़कू मंडावी अपनी पत्नी जयमनी मंडावी के साथ कोठारबाड़ी में मौजूद थे। इसी दौरान रात करीब 8 बजे आरोपी नीलू उर्फ नीलूराम मंडावी हथौड़ा और लोहे की रॉड लेकर वहां पहुंचा। बताया गया कि आरोपी की पत्नी के मायके चले जाने को लेकर वह अपनी भाभी जयमनी मंडावी को जिम्मेदार मानता था।

इसी बात को लेकर उसने जयमनी पर हथौड़े और लोहे की रॉड से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में जयमनी के सिर समेत शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।

बचाने पहुंचे बड़े भाई पर भी हमला

पत्नी को बचाने के लिए बीच-बचाव करने पहुंचे बड़े भाई बोड़कू मंडावी पर भी आरोपी ने हमला कर दिया। आरोपी ने उनके सिर, चेहरे और कनपटी समेत शरीर के कई हिस्सों पर हथौड़े और लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ वार किए। हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।

घायलों को उपचार के लिए डिमरापाल स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान अगले दिन जयमनी मंडावी की मौत हो गई। वहीं बोड़कू मंडावी के सिर में गंभीर चोट आने पर डॉक्टरों ने 10 टांके लगाए। उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ।

पुलिस ने 15 गवाह किए पेश

मामले की जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 103(1) और 109 के तहत केस दर्ज किया और चालान कोर्ट में पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 15 गवाहों और दूसरे सबूतों के जरिए आरोपी पर लगे आरोपों को साबित किया।

मामले में पेश किए गए सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने नीलू उर्फ नीलूराम मंडावी को दोषी माना। हत्या के मामले में उसे उम्रकैद और हत्या के प्रयास के मामले में 7 साल की सश्रम जेल की सजा सुनाई गई।

इसके साथ ही दोनों धाराओं में 100-100 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। मामले में अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक ने पैरवी की।

Chhattisgarh