- छूईहा (बैगाटोला) के 39 बैगा परिवारों को मच्छरदानियों का वितरण
रायपुर (CITY HOT NEWS)//
आदि अमितान छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति (बैगा समुदाय) के लिए चलाया जा रहा एक यूनिवर्सल हेल्थ स्क्रीनिंग (स्वास्थ्य परीक्षण) अभियान है। यह अभियान 15 जुलाई 2026 से 14 अगस्त 2026 तक संचालित किया जा रहा है, जिसके जरिए दूरस्थ ग्रामीण बस्तियों में घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच और उपचार की सेवाएं दी जा रही हैं। जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के विशेष पिछड़ी जनजाति (पी.व्ही.टी.जी.) बैगा समुदाय को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा समुदाय में बीमारी की रोकथाम एवं स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले में “आदि अमितान” पी.एम. जनमन यूनिवर्सल हेल्थ स्क्रीनिंग अभियान का प्रभावी संचालन किया जा रहा है।
छुईखदान विकासखंड में पी.व्ही.टी.जी. बैगा समुदाय तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विवेक बिसेन एवं अभियान के छुईखदान विकासखंड नोडल अधिकारी डॉ. मनीष बघेल के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा दूरस्थ बैगा बसाहटों में स्वास्थ्य जांच, उपचार, स्वास्थ्य शिक्षा एवं रोगों की रोकथाम से संबंधित गतिविधियां की जा रही हैं।
’39 बैगा परिवारों को मच्छरदानियों का वितरण’
इसी क्रम में 9 अगस्त 2026 को ग्राम पंचायत सरईपतेरा के छूईहा (बैगाटोला) स्थित बैगा बसाहट में निवासरत 39 बैगा परिवारों को मलेरिया से बचाव के लिए मच्छरदानियों का वितरण किया गया। मच्छरदानी वितरण का उद्देश्य बैगा समुदाय को मच्छरजनित रोगों, विशेष रूप से मलेरिया से सुरक्षित रखना तथा घर-घर मच्छरदानी के नियमित एवं सही उपयोग को बढ़ावा देना है।
’मलेरिया से बचाव के लिए दी गई स्वास्थ्य शिक्षा’
मच्छरदानी वितरण के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा ग्रामीणों को मलेरिया के लक्षण, संक्रमण के माध्यम, बचाव के उपाय तथा समय पर जांच एवं उपचार के महत्व के संबंध में जानकारी दी गई। ग्रामीणों को बताया गया कि रात में सोते समय नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करना, घर एवं आसपास पानी जमा नहीं होने देना तथा मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करना मलेरिया से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय हैं।
ग्रामीणों को यह भी समझाया गया कि बुखार, ठंड लगना, कंपकंपी, सिरदर्द, शरीर में दर्द अथवा कमजोरी जैसे लक्षण होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में मलेरिया की जांच कराएं। समय पर जांच एवं उपचार से मलेरिया की गंभीर जटिलताओं से बचाव किया जा सकता है।
’पी.व्ही.टी.जी. समुदाय तक पहुंच रही स्वास्थ्य सेवाएं’
“आदि अमितान” अभियान के माध्यम से जिले के दूरस्थ एवं विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को समुदाय के निकट पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा मलेरिया, टीबी, कुष्ठ, सिकल सेल, एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, नेत्र रोग तथा महिलाओं में स्तन एवं गर्भाशय ग्रीवा कैंसर सहित विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं की स्क्रीनिंग की जा रही है। आवश्यकता के अनुसार उपचार एवं उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफरल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है।
मच्छरदानी वितरण जैसी गतिविधियों के माध्यम से केवल बीमारी के उपचार पर ही नहीं, बल्कि रोगों की रोकथाम एवं समुदाय की स्वास्थ्य सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इससे पी.व्ही.टी.जी. बैगा समुदाय में मलेरिया नियंत्रण तथा स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
’जनप्रतिनिधियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की रही सहभागिता’
कार्यक्रम में डॉ. प्रकाश वर्मा, चिकित्सा अधिकारी; श्री अमीलाल, पर्यवेक्षक; श्री प्रवीण गायकवाड़, एल.टी.; श्रीमती कविता सोनवानी, ए.एन.एम. सहित स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारी उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरंतर प्रयास
डॉ. प्रकाश वर्मा ने बताया कि जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा “आदि अमितान” अभियान के माध्यम से पी.व्ही.टी.जी. बैगा समुदाय तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने के साथ-साथ मलेरिया एवं अन्य मच्छरजनित रोगों की रोकथाम पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मच्छरदानी का नियमित एवं सही उपयोग मलेरिया से बचाव का एक प्रभावी उपाय है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे रात में सोते समय नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करें तथा बुखार अथवा मलेरिया के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा पी.व्ही.टी.जी. बैगा समुदाय को सुलभ, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा बीमारी की रोकथाम एवं स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

