रायपुर : पीडीएस के माध्यम से लाखों परिवारों तक पहुंच रही खाद्य सुरक्षा की गारंटी

पीडीएस के माध्यम से लाखों परिवारों तक पहुंच रही खाद्य सुरक्षा की गारंटी
  • जिले में ढाई वर्षों में बने 43 हजार से अधिक नए राशन कार्ड

रायपुर (CITY HOT NEWS)//

पीडीएस के माध्यम से लाखों परिवारों तक पहुंच रही खाद्य सुरक्षा की गारंटी

शासन द्वारा आमजनों की खाद्य सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी दिशा में विष्णु के सुशासन में मुंगेली जिले में खाद्य सुरक्षा अधिक सशक्त हुई है। जिला प्रशासन की पहल पर जिले की शत-प्रतिशत आबादी को खाद्य सुरक्षा के दायरे में लाने का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। इसका लाभ जिले के लाखों नागरिकों को नियमित रूप से मिल रहा है। जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि जनवरी 2024 में जिले में 02 लाख 17 हजार 118 राशन कार्डधारी थे, जो वर्तमान में बढ़कर 02 लाख 60 हजार 158 हो गए हैं। अर्थात विगत ढाई वर्षों में 43 हजार 40 नए राशन कार्ड बनाए गए हैं तथा 54 हजार 252 नए सदस्यों को खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ा गया है। यह उपलब्धि शासन की जनहितैषी नीतियों तथा प्रशासन की सक्रिय कार्यप्रणाली का परिणाम है।

राशन कार्डों के नवीनीकरण अभियान में भी जिले ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। जिले के 02 लाख 17 हजार 179 राशन कार्डों में से 02 लाख 09 हजार 299 राशन कार्डों का सफलतापूर्वक नवीनीकरण किया जा चुका है, जिससे हितग्राहियों को बिना किसी बाधा के योजनाओं का लाभ मिल रहा है। जिले में वर्तमान में 02 लाख 49 हजार 585 राशन कार्डधारियों को प्रत्येक माह निःशुल्क फोर्टिफाइड चावल उपलब्ध कराया जा रहा है। आयरन, फोलिक एसिड एवं अन्य आवश्यक पोषक तत्वों से समृद्ध यह फोर्टिफाइड चावल कुपोषण एवं एनीमिया जैसी समस्याओं से लड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इससे खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ पोषण सुरक्षा भी सुनिश्चित हो रही है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के प्रभावी संचालन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जुलाई माह में 05 हजार 946 टन से अधिक चावल का सफलतापूर्वक वितरण किया जा चुका है। जिले की सभी उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को समय पर और पारदर्शी ढंग से राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।

     प्रदेश सरकार की संवेदनशील नीतियों और जिला प्रशासन की सतत निगरानी के कारण आज सार्वजनिक वितरण प्रणाली केवल राशन वितरण की व्यवस्था नहीं रह गई है, बल्कि गरीब, श्रमिक, किसान एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए खाद्य सुरक्षा की मजबूत आधारशिला बन चुकी है। शासन का उद्देश्य है कि जिले का कोई भी पात्र परिवार खाद्यान्न से वंचित न रहे और प्रत्येक जरूरतमंद तक समय पर खाद्यान्न उपलब्ध हो।

वर्षाकाल के दौरान खाद्यान्न वितरण प्रभावित न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने सुरही, निवासखार, अचानकमार, लमनी, कटामी, बिजराकछार, बोईरहा, झिरिया तथा महामाई सहित कुल 09 पहुंचविहीन क्षेत्रों की उचित मूल्य दुकानों में निर्धारित आवंटन के अनुसार चावल, शक्कर और नमक का भंडारण 31 मई 2026 तक पूर्ण कर लिया गया है। जिला प्रशासन की इस पहल से वर्षा ऋतु के दौरान मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत हितग्राहियों को नियमित रूप से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा सकेगा। क्षेत्र सहित अन्य संभावित पहुंचविहीन गांवों की उचित मूल्य दुकानों में पहले से ही पर्याप्त मात्रा में राशन पहुंचा दिया है।

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