
- कुएं से पानी ढोने की मजबूरी अब बीते दिनों की बात
रायपुर (CITY HOT NEWS)//
ग्रामीण अंचलों में वर्षों से चली आ रही पेयजल की समस्या का समाधान अब विकास की नई तस्वीर बनकर सामने आ रहा है। जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल से स्वच्छ पेयजल पहुंचने से महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। कभी प्रतिदिन कई किलोमीटर दूर स्थित कुओं से पानी ढोने को मजबूर रहने वाली महिलाएं आज अपने घरों में लगे नलों से सहजता से स्वच्छ पानी प्राप्त कर रही हैं। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के विकासखंड भरतपुर की ग्राम पंचायत बरौता की फुलबाई की कहानी इस परिवर्तन का जीवंत उदाहरण बनकर उभरी है।
कुछ वर्ष पहले तक फुलबाई की सुबह पानी की व्यवस्था से शुरू होती थी। सिर पर मटका रखकर दूर स्थित कुएं तक जाना, लंबी कतार में घंटों इंतजार करना और भारी बर्तनों में पानी भरकर घर लौटना उनकी दैनिक दिनचर्या थी। पानी की कमी के कारण घरेलू कामकाज प्रभावित होते थे और परिवार की महिलाओं पर अतिरिक्त जिम्मेदारियां आ जाती थीं। गर्मी के दिनों में यह परेशानी और भी बढ़ जाती थी।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम बरौता में हर घर नल से जल योजना का प्रभावी क्रियान्वयन होने के बाद अब हर घर तक नियमित रूप से स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंच रहा है। इससे न केवल ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हुआ है, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार आया है।
फुलबाई बताती हैं कि अब उन्हें पानी के लिए घर से बाहर नहीं जाना पड़ता। घर के नल से नियमित साफ पानी मिलने से समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है। परिवार के सभी सदस्यों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होने से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी कम हुए हैं। वे कहती हैं कि अब बचा हुआ समय बच्चों की पढ़ाई, परिवार और अन्य घरेलू कार्यों में लगाया जा रहा है।
इस योजना का लाभ केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है। पूरे गांव की महिलाओं को पानी ढोने की कठिनाई से राहत मिली है। बच्चों और बुजुर्गों को घर पर ही स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। गांव में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है तथा जलजनित बीमारियों के जोखिम में भी कमी आई है। ग्रामीणों के अनुसार, यह योजना उनके जीवन में सुविधा के साथ-साथ सम्मान और आत्मविश्वास भी लेकर आई है।
फुलबाई ने इस जनकल्याणकारी पहल के लिए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने ग्रामीण परिवारों की वर्षों पुरानी सबसे बड़ी जरूरत को पूरा किया है। उनका कहना है कि अब गांव की महिलाएं पानी की चिंता से मुक्त होकर परिवार, बच्चों की शिक्षा और आजीविका से जुड़े कार्यों पर अधिक ध्यान दे पा रही हैं।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा एमसीबी जिले में जल जीवन मिशन का प्रभावी क्रियान्वयन ग्रामीण विकास को नई दिशा दे रहा है। यह योजना केवल घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के सम्मान, बेहतर स्वास्थ्य, समय की बचत और ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में सुधार का सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। ग्राम बरौता की फुलबाई की कहानी इस बात का प्रमाण है कि जब शासन की योजनाएं प्रभावी ढंग से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तो वे केवल सुविधाएं नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और खुशहाली की नई इबारत भी लिखती हैं।

