रायपुर : प्रभावित किसानों को ऋण वितरण शुरू, 2,391 किसानों को मिला 5.81 करोड़ रुपये का खरीफ ऋण

  • कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम के विशेष प्रयासों से हुआ संभव’

रायपुर (CITY HOT NEWS)//

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर की वित्तीय अनियमितताओं से प्रभावित किसानों को राहत प्रदान करते हुए खरीफ ऋण वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार की त्वरित पहल से अब किसानों को कृषि कार्यों के लिए आवश्यक ऋण एवं कृषि आदान समय पर उपलब्ध कराया जा रहा है। यह सब  कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के विशेष प्रयासों से संभव हुआ है ।
4,533 किसानों के लिए 111 करोड़ रुपये की ऋण सीमा
       जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, बलरामपुर जिले की चार प्रभावित समितियों के अंतर्गत 4,533 किसानों के लिए 11098.269 लाख रुपये (लगभग 111 करोड़ रुपये) की एनसीएल (ऋण सीमा) स्वीकृत की गई है। इसमें शंकरगढ़ क्षेत्र के 1,542 किसानों के लिए 163.66 करोड़ रुपये, रामानुजगंज क्षेत्र के 1,502 किसानों के लिए 153.13 करोड़ रुपये, रामचंद्रपुर क्षेत्र के 1,320 किसानों के लिए 146.91 करोड़ रुपये तथा कुसमी क्षेत्र के 169 किसानों के लिए 24.62 करोड़ रुपये की ऋण सीमा स्वीकृत की गई है।
2,391 किसानों को 5 करोड़ 81 लाख 65 हजार रुपये का खरीफ ऋण वितरित
      खरीफ ऋण वितरण भी तेजी से प्रारंभ कर दिया गया है। अब तक 2,391 किसानों को 5 करोड़ 81 लाख 65 हजार रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है। इसमें रामानुजगंज के 1,575 किसानों को 4.83 करोड़ रुपये, शंकरगढ़ के 659 किसानों को 78.02 लाख रुपये तथा कुसमी के 157 किसानों को 19.61 लाख रुपये का ऋण प्रदान किया गया है।
       गौरतलब है कि वर्ष 2020-21 से 2023-24 के दौरान हुई वित्तीय अनियमितताओं के कारण प्रभावित किसानों को समय पर ऋण, खाद एवं बीज उपलब्ध नहीं हो पा रहे थे। राज्य सरकार ने मामले में दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर विभागीय कार्रवाई प्रारंभ की है तथा जांच जारी है।
किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराना हमारी प्रतिबद्धता
        कृषि मंत्री श्री नेताम ने कहा कि  किसानों के हितों की रक्षा  हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। प्रभावित किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराकर खरीफ सीजन की बुवाई को गति देने के साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी किसान को कृषि कार्यों के लिए वित्तीय संसाधनों की कमी का सामना न करना पड़े।

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