- एल.डी.मानिकपुरी, डॉ. ओम प्रकाश डहरिया
(सहायक जनसंपर्क अधिकारी)
रायपुर (CITY HOT NEWS)//
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना प्रदेश के लाखों भूमिहीन परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा का सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। यह योजना न केवल जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि उनके जीवन में आत्मविश्वास, स्थिरता और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद भी जगा रही है।
प्रदेश में भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों की शुद्ध आय में वृद्धि कर उन्हें आर्थिक रूप से संबल प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र परिवार को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में अंतरित की जाती है। यह राशि ऐसे परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बन रही है, जो सीमित आय और अस्थायी रोजगार के कारण आर्थिक चुनौतियों का सामना करते हैं। दैनिक जरूरतों की पूर्ति से लेकर बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य एवं घरेलू खर्चों तक, यह सहायता राशि परिवारों को राहत प्रदान कर रही है।
आर्थिक तंगी के कारण जिन परिवारों के लिए भविष्य की योजनाएं बनाना कठिन था, उनके लिए यह योजना नई संभावनाओं के द्वार खोल रही है। कई हितग्राही इस राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और घरेलू आवश्यकताओं पर कर रहे हैं, वहीं कुछ परिवार राशि का एक हिस्सा बचाकर स्वरोजगार या छोटे व्यवसाय की शुरुआत करने की योजना भी बना रहे हैं। इससे आत्मनिर्भरता की दिशा में उनके कदम मजबूत हो रहे हैं।
योजना से लाभान्वित हितग्राहियों का कहना है कि उन्हें पहले इस तरह की सहायता की उम्मीद नहीं थी, लेकिन राज्य सरकार की जनकल्याणकारी पहल ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्हें आर्थिक संबल मिला है, बच्चों के भविष्य के प्रति भरोसा बढ़ा है और परिवार को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्राप्त हुआ है।
छत्तीसगढ़ राज्य में इस योजना के अंतर्गत करीब 6 लाख हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं, जिनमें बैगा-गुनिया समुदाय के हितग्राही भी शामिल हैं। योजना का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ नगर पंचायत क्षेत्रों में निवास करने वाले पात्र परिवारों को भी मिल रहा है।
योजना के तहत भूमिहीन कृषि मजदूर, चरवाहा, नाई, धोबी, मोची तथा वनोपज संग्राहक आदि पात्र माने गए हैं। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक का छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना आवश्यक है तथा परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर कृषि योग्य भूमि नहीं होनी चाहिए।
हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना उनके जैसे भूमिहीन मजदूर परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इससे उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिली है, भविष्य के प्रति विश्वास बढ़ा है और जीवन को नई दिशा मिली है।
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि भूमिहीन परिवारों को आत्मविश्वास, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का नया आधार भी उपलब्ध करा रही है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का यह एक सशक्त उदाहरण है, जो हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।

