रायपुर : साय सरकार के सुशासन का असर

 साय सरकार के सुशासन का असर
  • जल जीवन मिशन ने बदली ग्राम पंडरी की तकदीर, हर घर पहुंचा नल से जल

रायपुर (CITY HOT NEWS)//

छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के सफल क्रियान्वयन से ग्रामीण अंचलों की तस्वीर तेजी से बदल रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के तहत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड का ग्राम पंडरी एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है। मिशन के 7 वर्ष पूरे होने के साथ ही इस आदिवासी बाहुल्य गांव के हर घर में नल से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, जिससे ग्रामीणों को वर्षों पुरानी पानी की किल्लत से मुक्ति मिल गई है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और ग्राम पंचायतों के समन्वय से दूरस्थ क्षेत्रों में इस योजना को गति दी जा रही है।

घंटों की मशक्कत से मिली मुक्ति, आंगन में आया पानी

एक समय था जब ग्राम पंडरी की महिलाओं और बच्चों का एक बड़ा हिस्सा सिर्फ पानी के इंतजाम में बीत जाता था। पथरीले और दूरस्थ जलस्रोतों से पानी लाना उनकी मजबूरी थी, जो गर्मी के दिनों में और भयावह हो जाती थी। इसका सीधा असर महिलाओं के स्वास्थ्य और बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता था। अब घर-घर नल कनेक्शन लगने से परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं।

महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य में सुधार

गांव की महिलाओं का कहना है कि घर पर ही स्वच्छ पानी मिलने से अब उनके समय की बड़ी बचत हो रही है, जिसका उपयोग वे परिवार की देखभाल और अन्य आर्थिक गतिविधियों में कर रही हैं।

योजना के जमीन पर उतरने से गांव में कई सकारात्मक बदलाव आए हैं

स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होने के कारण जलजनित बीमारियों में कमी आई है तथा बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पानी के संघर्ष से मुक्ति मिलने से महिलाओं का जीवन अधिक सहज और सम्मानजनक बना है। पानी लाने में खर्च होने वाला समय अब बच्चों की शिक्षा और घरेलू विकास में लग रहा है।

जनभागीदारी से मिली मिशन को सफलता

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप विकास की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रशासन पूरी सक्रियता से काम कर रहा है। विभाग के इंजीनियरों, तकनीकी कर्मचारियों और स्थानीय ग्राम पंचायतों के समन्वित प्रयासों से जल संरक्षण और जल स्रोतों के रखरखाव में ग्रामीणों की भागीदारी भी मजबूत हुई है। ग्राम पंडरी में घरों के आंगन में स्वच्छ पेयजल अब केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि इस वनांचल क्षेत्र में सुशासन, बेहतर स्वास्थ्य और समग्र ग्रामीण विकास की नई पहचान बन चुका है।

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