गरियाबंद : ऋणमुक्त होने पर दिव्यांग जनों का किया गया सम्मान

ऋणमुक्त होने पर दिव्यांग जनों का किया गया सम्मान
  • लोकेश कावंडिया दिव्यांगों को योजनाओं की जानकारी देकर स्वरोजगार के लिए किया प्रेरित
  • निर्धारित समय में ऋण अदा कर आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ने की अपील

गरियाबंद, (CITY HOT NEWS)//

दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम रायपुर के अध्यक्ष लोकेश कावंडिया ने आज जिले के प्रवास के दौरान दिव्यांगजनों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में चर्चा की। उन्होंने दिव्यांगजनों को शासन द्वारा संचालित स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तिकरण योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने इस दौरान निगम से ऋण प्राप्त कर सफलतापूर्वक ऋण की पूर्ण अदायगी करने वाले हितग्राहियों को सम्मानित किया। इनमें श्री ताम्रध्वज साहू, श्री धर्मेन्द्र उईके, अंबिका शर्मा, कल्पना भोसले शामिल है। श्री कावंडिया ने सभी ऋणमुक्त हितग्राहियों को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके प्रयासों की सराहना करते हुए अन्य लाभार्थियों को भी समयबद्ध ऋण अदायगी कर ऋणमुक्त बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन समाज की मुख्यधारा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। राज्य शासन एवं दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम उनके सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। निगम की विभिन्न ऋण एवं स्वरोजगार योजनाओं का लाभ लेकर दिव्यांगजन आत्मनिर्भर बन सकते हैं तथा अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं। इस दौरान कलेक्टर श्री बी.एस. उईके ने ऋण मुक्त हुए हितग्राहियों को बधाई देते हुए उन्हे आगामी भविष्य में आगे बढ़ने के लिये प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अपने अन्य साथी जो दिव्यांगजन ऋण राशि जमा नही कर रहे है, उन्हे भी ऋण राशि जमा कर ऋणमुक्ति होने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजनों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी गई। उनकी समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरतापूर्वक सुना गया। उपस्थित दिव्यांगजनों ने निगम द्वारा संचालित योजनाओं की सराहना करते हुए इनके माध्यम से मिले लाभों को साझा किया। इस अवसर पर जिला पंचायत के सीईओ श्री प्रखर चन्द्राकर, प्रबंध संचालक श्री पंकज वर्मा, समाज कल्याण के उप संचालक श्री डी.पी. ठाकुर सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारीगण तथा दिव्यांगजन उपस्थित थेे।

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