तेज रफ्तार ट्रेलर ने पिकअप को मारी टक्कर…रामपुर विधायक के नाती समेत 2 की मौत, 3 की हालत गंभीर..

कोरबा// कोरबा जिले से जामुन लेकर बिलासपुर मंडी जा रही पिकअप शनिवार देर रात भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गई। दुर्घटना में रामपुर विधायक फूलसिंह राठिया के नाती समेत दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

पुलिस के अनुसार हादसा भारतमाला राजमार्ग पर उरगा-बिलासपुर मार्ग में जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा थाना क्षेत्र स्थित मुड़ाभाठा के पास रात करीब 12 बजे हुआ। सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ने पिकअप को सीधी टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप के परखच्चे उड़ गए और उसका केबिन पूरी तरह डैमेज हो गया। वाहन में फंसे लोगों को पुलिस और ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाला गया।

हादसे में पिकअप सामने से बुरी तरह डैमेज हो गई।

हादसे में पिकअप सामने से बुरी तरह डैमेज हो गई।

रामपुर विधायक के नाती की मौत

हादसे में रामपुर विधायक फूलसिंह राठिया के नाती मंजीत कुमार राठिया (23) और रिश्तेदार मुकेश राठिया (24) की मौके पर ही मौत हो गई। मंजीत विधायक के बड़े भाई चमार राठिया की बेटी का बेटा था। दोनों एक ही परिवार के सदस्य थे।

तीन युवक गंभीर रूप से घायल

हादसे में दिनेश कुमार (25), कपूर राठिया (30) और अजीत राठिया (25) गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले करतला स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें बिलासपुर रेफर कर दिया। घायलों की स्थिति नाजुक बताई जा रही है।

पिकअप में जामुन लोड था, जिसे बिलासपुर मंडी ले जाया जा रहा था।

पिकअप में जामुन लोड था, जिसे बिलासपुर मंडी ले जाया जा रहा था।

गांव में पसरा मातम

घटना की जानकारी मिलते ही विधायक फूलसिंह राठिया परिजनों के साथ मौके पर पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद दोनों युवकों के शव उनके गृहग्राम केरवाद्वारी लाए गए, जहां अंतिम संस्कार किया गया।

अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।

ट्रेलर चालक की तलाश जारी

हादसे के बाद ट्रेलर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने ट्रेलर को जब्त कर लिया है और चालक की तलाश शुरू कर दी है।

ग्रामीणों ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि भारतमाला मार्ग पर तेज रफ्तार और ओवरलोड वाहनों की वजह से आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से सख्त जांच, नियमित चेकिंग और वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

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