- खरसिया और घरघोड़ा में बनेंगे 9 हजार मीट्रिक टन क्षमता के पांच आधुनिक गोदाम
- फसल भंडारण और विपणन सुविधाओं को मिलेगी मजबूती, किसानों को होगा सीधा लाभ
रायपुर (CITY HOT NEWS)//
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व तथा वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में रायगढ़ जिले के कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) रायगढ़ द्वारा कृषि अधोसंरचना विकास के लिए 4 करोड़ 19 लाख 52 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस राशि से जिले के खरसिया और घरघोड़ा विकासखंडों में कुल 9 हजार मीट्रिक टन भंडारण क्षमता वाले पांच आधुनिक गोदाम एवं कार्यालय भवनों का निर्माण कराया जाएगा।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों के अंतर्गत उच्च प्राथमिकता वाले इस कार्य के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यपालन अभियंता, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग रायगढ़ को क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया गया है। सभी निर्माण कार्यों को 365 दिनों के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
परियोजना के तहत विकासखंड खरसिया के ग्राम टेमटेमा में 1800 मीट्रिक टन क्षमता वाले चार गोदामों का निर्माण किया जाएगा। इनमें गोदाम क्रमांक-01 एवं कार्यालय भवन के लिए 85.17 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जबकि गोदाम क्रमांक-02, 03 और 04 के निर्माण हेतु प्रत्येक के लिए 79.15 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। इसी प्रकार विकासखंड घरघोड़ा में 1800 मीट्रिक टन क्षमता वाले एक गोदाम एवं कार्यालय भवन के निर्माण के लिए 96.90 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इन आधुनिक भंडारण सुविधाओं के निर्माण से किसानों को अपनी उपज के सुरक्षित भंडारण की बेहतर व्यवस्था मिलेगी। फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान में कमी आएगी, भंडारण क्षमता बढ़ेगी तथा किसानों को बाजार की अनुकूल परिस्थितियों में अपनी उपज बेचने का अवसर मिलेगा। कृषि उत्पादों के संग्रहण, संरक्षण और विपणन की सुविधाएं मजबूत होने से क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।
गुणवत्ता और पारदर्शिता पर विशेष जोर
जिला प्रशासन ने परियोजनाओं के गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कार्यस्थलों पर स्थायी सूचना फलक लगाना अनिवार्य किया गया है, जिसमें योजना का नाम, स्वीकृत राशि, डीएमएफ का लोगो तथा कार्य प्रारंभ और पूर्णता की जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। निर्माण कार्य के प्रत्येक चरण की फोटोग्राफी, नियमित प्रगति प्रतिवेदन तथा भौतिक सत्यापन भी अनिवार्य रहेगा।
निर्माण गुणवत्ता को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्तर पर गुणवत्ता संबंधी कमी पाए जाने पर सुधार कार्य का संपूर्ण व्यय संबंधित एजेंसी को स्वयं वहन करना होगा। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निर्माण के लिए चयनित भूमि विवादमुक्त हो तथा वन भूमि अथवा न्यायालयीन प्रतिबंध वाली भूमि का उपयोग न किया जाए। कृषि अधोसंरचना को मजबूत बनाने की यह पहल किसानों की आय बढ़ाने, फसल संरक्षण को बेहतर बनाने तथा रायगढ़ जिले में कृषि आधारित आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

