जांजगीर-चांपा// जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा थाना क्षेत्र में निजी तस्वीरों के जरिए एक युवक को ब्लैकमेल कर एक लाख रुपए मांगने के मामले में पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला को राजनांदगांव से पकड़ा गया और न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं, पीड़ित युवक का अस्पताल में उपचार जारी है और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

पुलिस के अनुसार, अकलतरा निवासी 21 वर्षीय प्रफुल्ल जांगड़े की पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से राजनांदगांव की एक महिला से हुई थी। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और दोस्ती हो गई। इसी दौरान महिला ने युवक की कुछ निजी और आपत्तिजनक तस्वीरें अपने पास सुरक्षित रख ली थीं।
फोटो वायरल करने की धमकी देकर मांग रही थी पैसे
जांच में सामने आया है कि पिछले 12 से 15 दिनों से महिला युवक को लगातार ब्लैकमेल कर रही थी। वह निजी तस्वीरों को इंस्टाग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल करने की धमकी देकर एक लाख रुपए की मांग कर रही थी।
आरोप है कि महिला ने कुछ तस्वीरें युवक के परिजनों के मोबाइल नंबर पर भी भेज दी थीं। इससे युवक मानसिक रूप से काफी परेशान हो गया और उस पर लगातार दबाव बढ़ता गया।
मानसिक तनाव में युवक ने खाया जहर
पुलिस के मुताबिक, बदनामी और ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर युवक ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी स्थिति अब स्थिर है और वह खतरे से बाहर है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद युवक के पिता ने अकलतरा थाने में शिकायत दर्ज कराई।
तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल ट्रैकिंग की मदद से आरोपी महिला की पहचान की गई। पुलिस टीम ने राजनांदगांव पहुंचकर उसे हिरासत में लिया और अकलतरा लाया।
पूछताछ के दौरान महिला ने ब्लैकमेलिंग की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने उसके कब्जे से मोबाइल फोन जब्त किया है, जिसमें व्हाट्सएप चैट और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।
आईटी एक्ट समेत कई धाराओं में कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की धारा 67 के तहत अपराध दर्ज किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है।

