बालोद// छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में देशी शराब दुकान से खरीदी गई रोमियो ब्रांड की शराब की बोतल में कांच के टुकड़े मिले हैं, जिसका कांग्रेस जिला अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। वहीं, इस मामले में आबकारी विभाग ने जांच का आश्वसन दिया है।

बालोद में तांदुला डैम के पास स्थित देशी शराब दुकान से किसी ने ये शराब खरीदी थी।
जिला अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने कहा कि भाजपा की सरकार छत्तीसगढ़ को शराब में डूबाने के लिए बनी हुई है। सरकार को जनता के जिंदगी के साथ तो खिलवाड़ नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिले के आबकारी विभाग के अधिकारी आंख मूंदे बैठे हुए हैं।

सीलबंद शराब बोतल में कांच के टुकड़े मिले हैं।

कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है।
तांदुला डैम के पास शराब दुकान का मामला
दरअसल, मामला तांदुला डैम के पास स्थित देशी शराब दुकान का है। बुधवार को एक व्यक्ति ने वहां से रोमियो ब्रांड का पौवा खरीदा। पीने के लिए जब उसने बोतल खोली, तो उसमें कांच के टुकड़े दिखाई दिए, उसने शॉप में इसकी शिकायत भी की।
वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
बाद में यह मामला कांग्रेस तक पहुंचा गया। कांग्रेस जिला अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी इसका वीडियो बनाकर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया। रोमियो ब्रांड के इस सीलबंद पौवा में कांच के कई छोटे-छोटे टुकड़े दिखाई दे रहे हैं।
कोई शराब पी लेता तो खतरा हो सकता था- कांग्रेस
चंद्रेश हिरवानी ने वीडियो जारी कर दावा किया कि अगर कोई व्यक्ति इस शराब का सेवन कर लेता, तो उसकी जान को गंभीर खतरा हो सकता था। उनका कहना है कि कांच के टुकड़े शरीर में पहुंचने पर आहार नली समेत कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकते थे।
सरकार को लोगों की चिंता नहीं- कांग्रेस
चंद्रेश हिरवानी ने कहा कि भाजपा सरकार को आम जनता और छत्तीसगढ़ की चिंता नहीं है। उनका आरोप है कि प्रदेश में स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था लगातार खराब होती जा रही है, जबकि अपराध के मामलों में भी छत्तीसगढ़ का नाम प्रमुख राज्यों में शामिल होता जा रहा है।
जांच के बाद होगा एक्शन- आबकारी अधिकारी
इस मामले में जिला आबकारी अधिकारी योगेश्वर कुमार द्विवेदी ने कहा कि जांच कर यह पता लगाया जाएगा कि खामी वेयरहाउस स्तर पर हुई है या सप्लायर ने दोषपूर्ण माल की आपूर्ति की है।
अगर बड़ी संख्या में ऐसी शिकायतें सामने आती हैं, तो ब्रांड की सप्लाई पर रोक लगाने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
सीमित संख्या में दोषपूर्ण बोतलें मिलने पर सप्लायर से उसकी भरपाई कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

