
- कम खर्च, आसान उपयोग और समय पर पोषण ने बढ़ाया किसान का विश्वास
सक्ती, (CITY HOT NEWS)///
जिले के किसान आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक सुविधाजनक, किफायती और लाभकारी बना रहे हैं। इसी दिशा में सक्ती विकासखंड के ग्राम अचानकपुर के प्रगतिशील किसान श्री शशिभूषण मैत्री ने नैनो यूरिया (तरल) का सफल उपयोग कर क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। किसान श्री शशिभूषण मैत्री ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष अपनी लगभग 20 एकड़ कृषि भूमि में नैनो यूरिया का उपयोग किया था, जिससे उन्हें संतोषजनक परिणाम प्राप्त हुए। उनके अनुसार पारंपरिक यूरिया की 45 किलोग्राम वाली बोरियों के क्रय, परिवहन और खेत तक पहुंचाने में समय, श्रम और अतिरिक्त खर्च लगता था। इसके अलावा कई बार पीक सीजन के दौरान यूरिया की उपलब्धता भी किसानों के लिए चुनौती बन जाती थी। उन्होंने बताया कि नैनो यूरिया की छोटी शीशी को आसानी से खेत तक ले जाया जा सकता है तथा इसका उपयोग भी सरल है। समय पर उपलब्धता के कारण फसलों को आवश्यक पोषण सही समय पर मिल जाता है, जिससे कृषि कार्यों में सुविधा बढ़ती है। उन्होंने यह भी बताया कि सहकारी समिति खैरा में इस वर्ष शासन के मानकों के अनुरूप यूरिया एवं डीएपी खाद उपलब्ध है, जिससे किसानों को आवश्यक उर्वरक समय पर प्राप्त हो रहे हैं। श्री शशिभूषण मैत्री का कहना है कि नैनो यूरिया खेती की लागत को नियंत्रित करने, उर्वरक प्रबंधन को सरल बनाने और बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में सहायक सिद्ध हो रहा है। उन्होंने जिले के अन्य किसानों से भी आधुनिक कृषि तकनीकों एवं नैनो उर्वरकों को अपनाने का आग्रह किया, ताकि कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त कर खेती को और अधिक समृद्ध बनाया जा सके।

