
- दिव्यांग वृद्ध कीर्तन भंडारी को मिला वॉकर स्टिक और आयुष्मान वय वंदन कार्ड
- जनसमस्या निवारण शिविरों से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा संवेदनशील शासन
रायपुर (CITY HOT NEWS)//
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित “सुशासन तिहार 2026” के अंतर्गत आयोजित जन समस्या निवारण शिविर आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के साथ उनके जीवन में नई उम्मीद और विश्वास भी जगा रहे हैं। इसी कड़ी में मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम आमाडुला निवासी 76 वर्षीय दिव्यांग वृद्ध श्री कीर्तन भंडारी के लिए यह शिविर राहत और एक मजबूत सहारे का माध्यम बनकर सामने आया।
दैनिक जीवन की चुनौतियों से जूझ रहे बुजुर्ग को मिला संबल
पारिवारिक पृष्ठभूमि और कठिनाइयों को रेखांकित करते हुए प्रतिवेदन में बताया गया कि बढ़ती उम्र और शारीरिक कमजोरी के कारण श्री कीर्तन भंडारी को चलने-फिरने में काफी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। आठ सदस्यीय बड़ा परिवार होने के बावजूद, शारीरिक दिव्यांगता के चलते उनके दैनिक जीवन की चुनौतियां लगातार कठिन होती जा रही थीं। ऐसे समय में सुशासन तिहार के तहत आयोजित इस विशेष शिविर में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनकी स्थिति को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ समझा और मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया।
मौके पर ही मिले आवश्यक उपकरण और स्वास्थ्य सुरक्षा का कवच
शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा श्री भंडारी को तत्काल निम्नलिखित लाभ प्रदान किए गए। चलने-फिरने में आ रही असमर्थता को दूर करने के लिए उन्हें तुरंत वॉकर स्टिक उपलब्ध कराई गई, जिससे अब वे बिना किसी निर्भरता के आसानी से आवागमन कर पा रहे हैं। वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित इस विशेष योजना के तहत उनका कार्ड बनाकर मौके पर ही सौंपा गया, जिससे अब उनके लिए भविष्य में निःशुल्क और उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाना बेहद सुगम हो गया है।
हितग्राही ने जताया आभार- अब सुरक्षित महसूस कर रहा हूँ
प्रशासन से त्वरित सहायता प्राप्त करने के बाद भावुक होकर श्री कीर्तन भंडारी ने शासन- प्रशासन एवं स्वास्थ्य अमले के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार की यह अभिनव पहल हम जैसे बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और समाज के जरूरतमंद लोगों के लिए एक बहुत बड़ी राहत साबित हो रही है। इस वॉकर और स्वास्थ्य कार्ड के मिलने से अब मुझे अपने जीवन में एक सच्चे सहारे और सामाजिक सुरक्षा का सुखद एहसास हो रहा है।
यह सफलता की कहानी इस बात का जीवंत प्रमाण है कि सुशासन तिहार के माध्यम से जिला प्रशासन केवल कागजी तौर पर जनसमस्याओं का निराकरण ही नहीं कर रहा है, बल्कि धरातल पर समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक संवेदनशील शासन की सीधी पहुंच सुनिश्चित कर रहा है। यह प्रयास लोगों के जीवन में विश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता की नई अलख जगा रहा है।

