- 150 करोड़ के कंप्रेस्ड बायो गैस संयंत्र पर मंथन, किसानों को अतिरिक्त आय और युवाओं को रोजगार की उम्मीद
रायपुर (CITY HOT NEWS)//
धमतरी जिले में स्वच्छ ऊर्जा, औद्योगिक निवेश और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में आज इंडियन ऑयल कॉर्पाेरेशन लिमिटेड एवं ऑयल इंडिया लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में जिले में लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से कंप्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) संयंत्र स्थापित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
प्रस्तावित सीबीजी संयंत्र से धमतरी जिले में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होने की संभावना है। साथ ही धान अवशेष एवं अन्य कृषि अपशिष्टों का वैज्ञानिक उपयोग सुनिश्चित होने से किसानों को अतिरिक्त आय का नया स्रोत भी मिलेगा। यह परियोजना कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगी।
बैठक में ऑयल ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संतनु कुमार सैकिया, महाप्रबंधक श्री राजीव कुमार तमुली तथा ऑयल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के सलाहकार श्री सुदीश कुमार सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। अधिकारियों ने जिले में उपलब्ध कृषि संसाधनों, जैविक कच्चे माल, परिवहन सुविधाओं और निवेश संभावनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने निवेशकों को जिले में उपलब्ध भूमि, अधोसंरचना, परिवहन नेटवर्क तथा प्रशासनिक सहयोग की जानकारी देते हुए कहा कि धमतरी जिला कृषि आधारित उद्योगों एवं हरित ऊर्जा परियोजनाओं के लिए अत्यंत अनुकूल है। उन्होंने निवेशकों को हरसंभव सहयोग देने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
बैठक में खाद्य, सहकारिता एवं कृषि विभाग, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक तथा राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की। राइस मिलर्स एसोसिएशन ने जिले में उपलब्ध धान अवशेष और कृषि आधारित संसाधनों की जानकारी साझा की, जो प्रस्तावित संयंत्र के लिए प्रमुख कच्चा माल साबित होंगे।
बैठक के दौरान परियोजना के सफल क्रियान्वयन, तकनीकी प्रक्रियाओं, विभागीय समन्वय और आगामी कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सभी पक्षों ने धमतरी को स्वच्छ ऊर्जा, सतत औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी जिले के रूप में विकसित करने के लिए सकारात्मक सहयोग का भरोसा दिलाया।
उल्लेखनीय है कि कंप्रेस्ड बायो गैस परियोजनाएं कार्बन उत्सर्जन कम करने, कृषि अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत बनाने और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा और मजबूती प्राप्त होगी।

