रायपुर : ‘रेत तस्करों के हौसले बुलंद, एनीकट का पानी बहाकर नदी में बनाया अवैध रास्ता’ एवं ‘करोड़ों की लागत से बना एनीकट सूखा’ संबंधी खबरें तथ्यात्मक रूप से भ्रामक : खनिज विभाग

रायपुर (CITY HOT NEWS)//

दैनिक समाचार पत्र में 05 एवं 06 मई को प्रकाशित खबर ‘रेत तस्करों के हौसले बुलंद, एनीकट का पानी बहाकर नदी में बनाया अवैध रास्ता’ तथा ‘करोड़ों की लागत से बना एनीकट सूखा’ को जिला खनिज अधिकारी श्री सनत साहू ने तथ्यहीन, भ्रामक एवं निराधार बताया है।
जिला खनिज अधिकारी ने स्पष्ट किया कि चारामा विकासखंड के ग्राम पंचायत हाराडुला को महानदी में रेत खदान संचालन की विधिवत स्वीकृति प्रदान की गई है। उक्त खदान के संचालन से वर्ष 2025-26 में 14 लाख 22 हजार रुपए का खनिज राजस्व प्राप्त हुआ है। वहीं पट्टा शर्तों के उल्लंघन पर संबंधित संचालनकर्ता पर 62 हजार 500 रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है।

उन्होंने बताया कि जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा 05 मई को मौके पर जांच की गई, जिसमें हाराडुला रेत खदान से रेत उत्खनन एवं परिवहन पूरी तरह बंद पाया गया। एनीकट में पर्याप्त जलभराव होने के कारण रैंप डूबा हुआ था। जांच के दौरान एनीकट के आसपास किसी प्रकार का अवैध उत्खनन अथवा परिवहन नहीं पाया गया।

खनिज अधिकारी ने कहा कि हाराडुला क्षेत्र में अवैध कारोबार पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। अब तक अवैध भंडारण एवं परिवहन के 06 प्रकरण दर्ज किए गए हैं तथा 1 लाख 66 हजार 200 रुपए की समझौता राशि वसूल की गई है। साथ ही ग्राम पंचायत हाराडुला के सरपंच को खदान संचालन के दौरान सभी नियमों एवं शर्तों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। क्षेत्र की सतत निगरानी एवं नियमित जांच खनिज विभाग द्वारा की जा रही है।

उन्होंने जानकारी दी कि चारामा क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में कुल 12 रेत खदानेंकृ बासनवाही, अरौद, भिरौद-2, करिहा, किलेपार, भिलाई, तांसी-2, तांसी-3, तेलगुड़ा, माहूद, हाराडुला एवं भर्रीटोलाकृ स्वीकृत हैं। इसके अतिरिक्त 11 व्यक्तियों को बाबूकोहका, पिपरौद, बासनवाही, सराधुनवागांव, किलेपार, कर्राजैसा, करैहा, अरौद, करिहा एवं माहूद क्षेत्रों में रेत के अस्थायी भंडारण की अनुज्ञा प्रदान की गई है।
जिला प्रशासन द्वारा स्वीकृत रेत खदानों में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संचालनकर्ताओं पर अब तक 8 लाख 50 हजार रुपए का अर्थदंड भी आरोपित किया गया है। प्रशासन ने सभी सरपंचों एवं संचालनकर्ताओं को नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए खदान संचालन करने के निर्देश दिए हैं। खनिज विभाग द्वारा संबंधित क्षेत्रों में लगातार निगरानी एवं आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

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