रायपुर : सल्का योजना की नहरों का होगा कायाकल्प

  • 16.08 करोड़ रूपए की संशोधित प्रशासकीय स्वीकृति जारी

रायपुर (CITY HOT NEWS)//

छत्तीसगढ़ सरकार ने बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड में सिंचाई ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए सल्का व्यपवर्तन योजना के नहर लाइनिंग कार्य हेतु 16.08 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस निवेश से क्षेत्र की सिंचाई प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है। नहरों के लाइनिंग (पक्कीकरण) कार्य से जल प्रबंधन की दक्षता बढ़ेगी। मुख्य नहर और माइनर नहरों के सुदृढ़ीकरण से लगभग 1466 हेक्टेयर खरीफ क्षेत्र में सिंचाई सुविधा पहले से कहीं अधिक बेहतर होगी। लाइनिंग कार्य से नहरों में होने वाले जल रिसाव में भारी कमी आएगी, जिससे अंतिम छोर के किसानों तक पर्याप्त पानी पहुंच सकेगा।

गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जीरो टॉलरेंस

       राज्य शासन ने इस परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर बेहद सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अनुबंध के अनुसार कार्य को निर्धारित समय में ही पूर्ण करना होगा। अनावश्यक देरी या समय-वृद्धि को कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस योजना पर होने वाला व्यय नाबार्ड वित्त पोषित लघु सिंचाई मद से किया जाएगा, जिस पर वित्त विभाग ने अपनी सहमति दे दी है।
निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। कार्य शुरू करने से पहले सक्षम अधिकारियों से तकनीकी स्वीकृति और डिजाइन का विधिवत अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा।

भू-अर्जन और व्यय प्रबंधन

       परियोजना के तहत वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए निर्देश दिए गए हैं कि यदि भू-अर्जन की आवश्यकता पड़ती है, तो उसका व्यय स्वीकृत राशि की सीमा के भीतर ही किया जाए। यदि भू-अर्जन प्रस्तावित नहीं है, तो कार्य पूरी तरह शासकीय भूमि पर ही सुनिश्चित किया जाएगा। सल्का व्यपवर्तन योजना का यह नवीनीकरण न केवल जल उपयोग की दक्षता को बढ़ाएगा, बल्कि कोटा क्षेत्र के हजारों किसानों की आजीविका और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान करेगा।

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