- ज्ञानभारतम् मिशन के अंतर्गत प्राचीन पाण्डुलिपियों एवं हस्तलिखित ग्रंथों का चिन्हांकन व संरक्षण करने पर जोर
- “बस्तर मुन्ने” कार्यक्रम के जरिए पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ देने हेतु चरणबद्ध शिविर कार्यक्रम
- स्व-गणना अभियान में प्रशासनिक अमला पहले स्वयं भाग लेकर आमजन को प्रेरित करते हुए इसकी प्रगति को तेज करें-कलेक्टर
- साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक दिए महत्वपूर्ण दिशा निर्देश
दंतेवाड़ा,(CITY HOT NEWS)// कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने आज संयुक्त जिला कार्यालय भवन के डंकनी सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में शासन की प्राथमिकताओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि जन शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और आमजन को सुगम, पारदर्शी एवं त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना ही सुशासन का मूल आधार है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष आयोजित “सुशासन तिहार” के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए इस वर्ष भी “सुशासन तिहार 2026” का आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए सभी विभागों को अभी से तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा प्रारंभ “ज्ञानभारतम् मिशन” के क्रियान्वयन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा हमारे प्राचीन पाण्डुलिपियों, ताड़पत्रों एवं हस्तलिखित ग्रंथों में संरक्षित है। इन धरोहरों के संरक्षण और सूचीकरण के लिए जिले में संस्थागत एवं व्यक्तिगत संग्रहकर्ताओं की पहचान की जाएगी तथा जिला स्तरीय समिति का गठन कर समन्वित रूप से कार्य किया जाएगा।
बैठक में “बस्तर मुन्ने” (अग्रणी बस्तर) कार्यक्रम की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने बताया कि एनसीएईआर सर्वेक्षण के आधार पर व्यक्ति मूलक योजनाओं का सेचुरेशन सुनिश्चित करने के लिए अप्रैल 2026 से ग्राम पंचायत, क्लस्टर और विकासखण्ड स्तर पर चरणबद्ध शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस कार्यक्रम के अंतर्गत व्यापक प्रचार-प्रसार, पात्र हितग्राहियों की पहचान, योजनाओं का त्वरित लाभ वितरण, ग्राम सभाओं के माध्यम से सामुदायिक कार्यों का अनुमोदन तथा लंबित प्रकरणों का निराकरण, के तहत 31 जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित परिवारों को शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाया जायेगा। साथ ही, अंतिम चरण में कार्यक्रम का प्रभाव मूल्यांकन एवं थर्ड पार्टी फीडबैक भी लिया जाएगा।
बैठक के दौरान कलेक्टर श्री धु्रव ने जिले में चल रहे स्व-गणना अभियान को गति देने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस अभियान की सफलता के लिए प्रशासनिक अमले की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। इसी क्रम में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वयं की स्व-गणना पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए गए, ताकि वे आम नागरिकों के लिए एक आदर्श प्रस्तुत कर सकें और लोगों के बीच विश्वास बढ़े। उन्होंने प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वे स्वयं स्व-गणना की प्रक्रिया को समझें और तकनीकी रूप से दक्ष बनें, ताकि आमजन को किसी प्रकार की कठिनाई न हो। कलेक्टर ने मैदानी स्तर पर जन जागरूकता बढ़ाने, लोगों की शंकाओं का त्वरित समाधान करने तथा अधिक से अधिक नागरिकों को इस अभियान से जोड़ने पर विशेष बल दिया।
इसके साथ कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने समय-सीमा की बैठक में तेलंगाना राज्य में पुर्नवासित परिवार द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में धारित संपत्ति, एनआरसी में गर्भवती महिलाओं, चिकपाल निर्माण कार्य, परचेली एकलव्य आदर्श विद्यालय कटेकल्याण में आधारभूत संरचना, जल संचय अभियान, एचआरएमआईसी कार्य सहित अन्य लंबित मुददे और उसके निराकरण के लिए की गई कार्यवाही की भी कलेक्टर द्वारा विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा सहित सभी विभाग के विभागीय प्रमुख मौजूद थे।

