RHO-नर्स पत्नी ने किया निजी कंपनी का प्रचार:कहा-सरकारी नौकरी में नहीं मिलेगा विदेशों का पैकेज, हेल्थ JD ने दिया जांच का आदेश

सरगुजा// सरगुजा जिले के सखौली अस्पताल में पदस्थ RHO का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक निजी वेलनेस कंपनी का प्रचार करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में RHO सोयाबर सिंह कहते दिखाई दे रहे हैं कि सरकारी नौकरी में रहते हुए विदेशों जैसे पैकेज नहीं मिल सकते, इसके लिए कंपनी से जुड़ना होगा।

वहीं उनकी नर्स पत्नी भी लोगों को कंपनी से जुड़ने के लिए प्रेरित करती नजर आ रही हैं। जानकारी के मुताबिक वायरल वीडियो करीब 25 दिन पुराना है। निजी वेलनेस कंपनी ने लखनपुर में मार्केटिंग के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया था, जिसमें बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोग शामिल हुए।

इस दौरान RHO सोयबर सिंह और उनकी पत्नी प्रियंका सिंह कंपनी के लिए बैलेंस कोच के रूप में मार्केटिंग करते नजर आए। वे कंपनी के प्रोडक्ट के फायदे बताते हुए लोगों को बैलेंस कोच बनने के लिए प्रेरित कर रहे थे। इस मामले में हेल्थ जेडी डॉ. अनिल शुक्ला ने जांच के आदेश दिए हैं।

देखिए पहले ये तस्वीरें-

न्यूट्रिशन का प्रचार कर रहे पति-पत्नी।

न्यूट्रिशन का प्रचार कर रहे पति-पत्नी।

प्रियंका सिंह नर्स है और वह भी कंपनी का प्रचार करते दिखी।

प्रियंका सिंह नर्स है और वह भी कंपनी का प्रचार करते दिखी।

प्रोग्राम के बाद दोनों को अवॉर्ड दिया गया।

प्रोग्राम के बाद दोनों को अवॉर्ड दिया गया।

बैलेंस कोच को लाखों का पैकेज, विदेश का टूर

RHO सोयबर सिंह ने मार्केटिंग कार्यक्रम में कहा कि कोरोना के दौरान काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों को एक फूल भी नहीं मिला, लेकिन बैंलेस कोच बनने के बाद लाखों का पैकेज और विदेशों का टूर मिलता है।

सोयाबर सिंह लुंड्रा ब्लॉक के सखौली हॉस्पिटल में बतौर रीजनल हेल्थ आफिसर पोस्टेड हैं, उनकी पत्नी प्रियंका सिंह भी स्वास्थ्य विभाग की नर्स हैं। दोनों ने स्वास्थ्य विभाग के लोगो का इस्तेमाल भी वीडियो में किया।

दोनों ने पिछले माह कंपनी से की गई कमाई भी प्रोजेक्टेड वीडियो में दिखाई जो एक लाख रुपए से अधिक है।

जेडी ने सीएमएचओ को दिया जांच का आदेश

फिलहाल इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के जेडी डॉ. अनिल शुक्ला ने मामले में जांच के आदेश सीएमएचओ डॉ. पीएस मार्को को दिया है। डॉ. अनिल शुक्ला ने कहा कि इस तरह के कार्यों से विभाग की छवि धूमिल होती है। मामले में कर्मचारी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।

Chhattisgarh