विंग कमांडर सुसाइड केस में पत्नी पर FIR:परिजनों से बातचीत पर पाबंदी लगाई, पिता बोले- पोता-पोती से भी बात नहीं होती थी..

रायपुर// विंग कमांडर विपुल यादव सुसाइड केस में रायपुर पुलिस ने उनकी पत्नी अर्जिता श्रीवास्तव के खिलाफ FIR दर्ज की है। अर्जिता पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। परिजनों के आरोप के अनुसार मानसिक प्रताड़ना के कारण ही विंग कमांडर ने आत्महत्या की थी।

मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है। 10-11 मार्च 2026 की रात विंग कमांडर विपुल यादव (39) ने सुसाइड किया था। उनकी लाश सरकारी आवास में फांसी के फंदे पर लटकती मिली थी। शुरुआती जांच में आत्महत्या के पीछे पारिवारिक विवाद की बात सामने आई थी। विपुल ने 2014 में अर्जिता से लव मैरिज की थी।

जांच के दौरान पुलिस ने विपुल के परिजनों और परिचितों के बयान दर्ज किए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपुल लंबे समय से तनाव में थे। माता-पिता से बात करने पर रोक लगा दी थी। इसी वजह से वह मानसिक रूप से परेशान रहते थे। पुलिस को कुछ ऐसे सबूत मिले हैं, जो प्रताड़ना की बात को मजबूत करते हैं।

विंग कमांड विपुल यादव की लाश उनके सरकारी आवास में मिली थी।

विंग कमांड विपुल यादव की लाश उनके सरकारी आवास में मिली थी।

जांच के बाद पुलिस ने दर्ज किया केस

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में मिले तथ्यों के आधार पर आरोपी पत्नी अर्जिता श्रीवास्तव के खिलाफ धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाने) के तहत FIR दर्ज की गई है।

मामले की जांच जारी है और आरोपी से पूछताछ की तैयारी की जा रही है। जरूरत पड़ने पर आगे और धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

तेलीबांधा थाना निरीक्षक अजय झा ने विंग कमांडर विपुल यादव की पत्नी अर्जिता के खिलाफ FIR दर्ज होने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि मामले में अर्जिता से पूछताछ की जाएगी और उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

विंग कमांडर विपुल यादव की पत्नी और बच्चों के साथ तस्वीर।

विंग कमांडर विपुल यादव की पत्नी और बच्चों के साथ तस्वीर।

मामा ने पत्नी पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था

विंग कमांडर के मामा सुरेंद्र यादव ने अंतिम संस्कार के दौरान दैनिक भास्कर से चर्चा में कहा था कि विपुल हमेशा तनाव में रहता था, उनकी पत्नी, सास ससुर ने सब चीजों पर प्रतिबंध लगा दिया था। पत्नी ने बहुत प्रताड़ित कर रखा था। माता-पिता से बात नहीं करने देती थी। घर में कैमरे लगवा रखे थे।

पिता बोले- विपुल हमें कुछ क्लियर बताता नहीं था

विपुल के पिता डॉक्टर राजबहादुर यादव ने दैनिक भास्कर से चर्चा में कहा था कि हम लोगों ने जानने की कोशिश की लेकिन विपुल हमें कुछ क्लियर बताता नहीं था। दोस्तों से भी कुछ शेयर नहीं करता था। हमने विपुल से पूछने का प्रयास किया पर वह हमेशा कह देता था- छोड़िए जाने दीजिए।

बिना बताए एयरफोर्स ज्वॉइन किया

विपुल के पिता ने बताया कि विपुल ने एयरफोर्स की परीक्षा का फॉर्म बिना बताए ही भर दिया था। जब उसकी चयन प्रक्रिया पूरी हो गई, तब उसने परिवार को बताया कि उसका चयन भारतीय वायुसेना में हो गया है।

परिवार के कुछ सदस्य इसके पक्ष में नहीं थे कि वह एयरफोर्स जॉइन करे, लेकिन विपुल मानसिक रूप से बहुत मजबूत और अपने लक्ष्य को लेकर बेहद जुनूनी था। उसने दृढ़ निश्चय के साथ भारतीय वायुसेना में सेवा शुरू की। शादी के बाद 5 बार ही गांव आए थे।

8 साल के बेटे आराध्य ने अपने पिता को मुखाग्नि दी थी।

8 साल के बेटे आराध्य ने अपने पिता को मुखाग्नि दी थी।

पोता-पोती से भी बात नहीं होती थी

पिता राजबहादुर यादव ने कहा कि विपुल को इस तरह से रखा गया था कि वो हम लोगों से बात नहीं कर पाता था। पोता-पोती से भी बात नहीं होती थी। कुछ दिन साथ रहने का मौका मिला तो बच्चे हमसे घुल मिल गए थे।

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