बालोद मजिस्ट्रेट को जान से मारने की धमकी:3 करोड़ फिरौती मांगी, लिखा- गलत आदेश देते हैं; लेटर भेजने वाले ने खुद को नक्सली बताया

बालोद// छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में न्यायिक मजिस्ट्रेट और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी मिली है। यह धमकी भरा पत्र डाक के जरिए भेजा गया है, जिसमें 3 करोड़ रुपए की फिरौती देने की बात लिखी है। मामला गुंडरदेही थाना क्षेत्र का है।

न्यायिक मजिस्ट्रेट और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए 3 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई है। - Dainik Bhaskar

न्यायिक मजिस्ट्रेट और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए 3 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई है।

लेटर भेजने वाले ने पत्र में ये भी लिखा है कि प्रशांत देवांगन रिश्वत लेकर गलत आदेश देते हैं और गरीबों को परेशान करते हैं। मजिस्ट्रेट को अपने पद का घमंड है। अगर मांगी गई राशि नहीं दी गई तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। इसके अलावा लेटर भेजने वाले खुद को नक्सली संगठन से जुड़ने का दावा किया है। पुलिस इस मामले में जांच कर रही है।

प्रशांत कुमार देवांगन गुंडरदेही न्यायालय में पदस्थ प्रथम न्यायिक मजिस्ट्रेट हैं।

प्रशांत कुमार देवांगन गुंडरदेही न्यायालय में पदस्थ प्रथम न्यायिक मजिस्ट्रेट हैं।

जानिए क्या है पूरा मामला ?

जानकारी के मुताबिक, प्रशांत कुमार देवांगन गुंडरदेही न्यायालय में पदस्थ प्रथम न्यायिक मजिस्ट्रेट हैं। 27 मार्च (शुक्रवार) की दोपहर करीब 3:25 बजे उनके दफ्तर में पोस्टमैन लिफाफा लेकर पहुंचा था।

मजिस्ट्रेट प्रशांत कुमार देवांगन ने लिफाफा रिसीव किया। लिफाफा खोलने पर उसमें जान से मारने की धमकी, फिरौती और नक्सली संगठन होने का दावा जैसी बाते लिखी गई थी। साथ ही तीन करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई।

पैसे लेकर फाइल दबाने का आरोप

पत्र में मजिस्ट्रेट के दफ्तर के कर्मचारियों पर भी पैसे लेकर फाइल गायब करने और आम लोगों को परेशान करने का आरोप लगाया गया है।

लिफाफा मिलने के 12 दिन बाद शिकायत

मामले की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेट ने थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने बुधवार (8 अप्रैल) शाम करीब 5 बजे केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मामले की जांच साइबर सेल की टीम कर रही है।

मामले की जांच साइबर सेल की टीम कर रही है।

बस्तर, कांकेर, ओडिशा और झारखंड में सक्रिय होने का दावा

लेटर भेजने वाले ने दावा किया है कि वह बस्तर, कांकेर, ओडिशा और झारखंड में सक्रिय है। पत्र में यह भी लिखा है कि ऐसे लोगों को मारकर देश को बचाना उनका मकसद है।

मजिस्ट्रेट पर हाईकोर्ट के आदेशों का पालन नहीं करने और पद का गलत इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया गया है। चेतावनी दी गई है कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो उन्हें कोई नहीं बचा पाएगा।

पुलिस बोली- जल्द होगी आरोपी की गिरफ्तारी

गुंडरदेही थाना प्रभारी नवीन बोरकर ने बताया कि मामले की शिकायत पर बीएनएस की धारा 308 (जबरन वसूली) और 351(3) (आपराधिक धमकी) के तहत केस दर्ज किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। उनका दावा है कि जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।

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