भिलाई// छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई में हनुमान जंयती पर बिना परमिशन मूर्ति स्थापना को लेकर बवाल हो गया। बताया जा रहा है बुधवार रात निगम के गार्डन में किसी ने हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित कर दी थी। इसकी जानकारी नगर निगम को हुई, तो गुरुवार सुबह उसे हटाने की कोशश की गई।
इस दौरान हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं और निगम अधिकारियों के बीच बवाल भी हुआ। कार्यकर्ताओं ने सब्बल से मूर्ति तोड़े जाने का विरोध किया और जोन आयुक्त के खिलाफ FIR की मांग को लेकर थाने के बाहर 3 घंटे तक धरना दिया। कार्रवाई नहीं करने पर पुलिस से जमकर बहस भी की। मामला सुपेला थाना क्षेत्र का है।
विवाद से जुड़ी तस्वीरें देखिए…

भिलाई नगर निगम की टीम हनुमान जी की मूर्ति हटाने पहुंची थी।

मूर्ति हटाने का विरोध करने पर बवाल भी हुआ।

नेहरू नगर के गार्डन में बने योग एरिया में मूर्ति स्थापित की गई थी।
मूर्ति किसने स्थापित की, जानकारी नहीं
भिलाई हिंदू संगठन के पदाधिकारी अविरल सिंह ने कहा कि गार्डन में कोने में खाली जगह थी, वहां हनुमान जी की मूर्ति लगी थी। मूर्ति किसी ने भी स्थापित की होगी, लेकिन उसे खंडित करना गलत है। थाने में 4 घंटे के बाद सीएसपी हमसे मिलने आए, इसलिए हंगामा हुआ था।

भिलाई नगर सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी और हिन्दू संगठन के बीच जमकर बहस हुई।
हनुमान जयंती के कारण मांगा समय
हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं के मुताबिक, हनुमान जयंती के चलते उन्होंने मूर्ति हटाने के लिए 24 घंटे का समय मांगा था, जिसकी जानकारी लिखित में निगम को दी गई थी। इसके बावजूद कार्रवाई किए जाने से संगठन के लोग नाराज हो गए।
निगम भी करेगा कार्रवाई
भिलाई नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी तिलेश्वर साहू का कहना है कि, यह मूर्ति रात के वक्त अचानक रख दी गई थी। जिसे हटाने के लिए टीम पहुंची हुई थी।
निगम के गार्डन के बाउंड्री को भी तोड़ा गया है। साथ ही गार्डन की बाउंड्री तोड़े जाने के मामले में निगम की ओर से भी FIR दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।

हिंदू संगठन ने कार्रवाई के लिए पुलिस को लिखित आवेदन दिया है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई- नगर सीएसपी
भिलाई नगर सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी का कहना है कि, हिंदू संगठन ने आवेदन दिया है। शिकायत की जांच की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएगा, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
हंगामे को लेकर उन्होंने कहा कि, हिंदू संगठक के लोग बाहर बैठे थे, उन्हें अंदर थाने में बैठकर बात करने की बात कही गई थी। कोई आपत्तिजनक स्थिति नहीं बनी है।
मूर्ति हटाने को लेकर सीएसपी ने कहा कि, यह नगर निगम का विषय है। प्रशासनिक प्रकिया के बाद जो भी निर्णय लिया जाएगा। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

