नई दिल्ली// बिहार सरकार में मंत्री नितिन नबीन को भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। रविवार को भाजपा के पार्लियामेंट्री बोर्ड के इस फैसले की जानकारी राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने दी। नबीन की उम्र 45 साल है, वे 2010 से बांकीपुर सीट से विधायक हैं।
नबीन नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव तक यह जिम्मेदारी संभालेंगे। भाजपा ने साल 2020 में जेपी नड्डा को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया था। 2024 में उनका कार्यकाल खत्म हुआ था। तब से वे एक्सटेंशन पर थे। नड्डा अभी केंद्र में स्वास्थ्य मंत्रालय संभाल रहे हैं।
वहीं PM मोदी ने नितिन नबीन को बधाई दी है। उन्होंने X पोस्ट में लिखा-

नितिन नबीन ने मेहनती कार्यकर्ता के तौर पर अलग पहचान बनाई है। वे युवा और परिश्रमी नेता हैं, जिनके पास समृद्ध संगठनात्मक अनुभव है। बिहार में वे कई कार्यकालों तक विधायक और मंत्री के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने की बधाई।

अगर नबीन ही राष्ट्रीय अध्यक्ष बने तो, सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे
फिलहान नितिन नबीन को पार्टी ने राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है। उनकी उम्र 45 साल है। भविष्य में नितिन को ही राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाता है तो वे राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने वाले सबसे युवा व्यक्ति होंगे।
नितिन नबीन के कार्यकारी अध्यक्ष बनने पर किसने क्या कहा…
- गृह मंत्री अमित शाहनितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर उन्हें हार्दिक बधाई देता हूं। भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव हो या बिहार में प्रदेश युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष या छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी, उन्होंने संगठन के हर दायित्व को पूरी निष्ठा और सफलता से निभाया है। बिहार में 5 बार विधायक एवं प्रदेश सरकार में मंत्री के रूप में उनके पास जनता के बीच लम्बे समय से कार्य करने का अनुभव है।
- केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डाबिहार के ओजस्वी भाजपा नेता एवं बिहार सरकार में मंत्री नितिन नबीन को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त होने पर आत्मीय बधाई। मुझे पूर्ण विश्वास है कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन और आपके नेतृत्व में संगठन राष्ट्र व जनसेवा की भावनाओं के साथ नये आयाम स्थापित करेगा।
भाजपा अध्यक्ष बनने के 8 महिला-पुरुष दावेदार
- शिवराज सिंह चौहान: शिवराज सिंह चौहान 6 बार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं। 4 बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। मुख्यमंत्री रहते हुए लाडली बहना योजना शुरू की, जो विधानसभा चुनाव में गेमचेंजर साबित हुई। ये योजना दूसरे राज्यों के लिए रोल मॉडल बन गई। 13 साल की उम्र में RSS से जुड़े और इमरजेंसी के दौरान जेल भी गए। OBC कैटेगरी से हैं। 2005 में मध्य प्रदेश BJP के अध्यक्ष रहे हैं। RSS की लिस्ट में शिवराज सबसे ऊपर हैं।
- सुनील बंसल: सुनील बंसल के पास 2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के सह प्रभारी और फिर 2017 में प्रभारी की जिम्मेदारी रहते हुए पार्टी को कामयाबी दिलाई। इसके अलावा ओडिशा, बंगाल और तेलंगाना के प्रभारी के रूप में मिली कामयाबी भी बड़ा प्लस पॉइंट है। सुनील बंसल को यूपी में बीजेपी का चाणक्य तक कहा गया है। संघ से नजदीकी के साथ-साथ संगठन में भी अच्छी पकड़ है।
- धर्मेन्द्र प्रधान: वर्तमान में केंद्रीय शिक्षा मंत्री और भाजपा के एक अनुभवी संगठनकर्ता हैं। ओडिशा से आते हैं, जहां बीजेपी अपनी पकड़ और भी ज्यादा मजबूत करना चाहती है। मोदी और शाह की टीम के भरोसेमंद सदस्य। 40 साल का राजनीतिक अनुभव, बड़े ओबीसी नेता है। 14 साल की उम्र में ABVP से जुड़े और 2010 में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव बने। संगठन में मजबूत पकड़, 2 बार लोकसभा और 2 बार राज्यसभा सदस्य बने।
- रघुवर दास: रघुवर दास झारखंड के पहले गैर-आदिवासी मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने झारखंड में 5 साल का स्थिर शासन दिया, जो राज्य में पहली बार हुआ। उनकी जमीनी कार्यकर्ताओं और भाजपा संगठन में मजबूत पकड़ है। ओबीसी समुदाय से आने के कारण भाजपा को सामाजिक समीकरण में नई बढ़त मिल सकती है। उनकी वजह से पूर्वोत्तर में भाजपा को विस्तार मिल सकता है।
- वानति श्रीनिवासन: वर्तमान में भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। ऐसे में संगठनात्मक कार्यों में उनका अनुभव है। 1993 से भाजपा से जुड़ी हुई हैं। तमिलनाडु में कोयंबटूर दक्षिण सीट से कमल हासन जैसे बड़े नेता को हराया था। तमिलनाडु में भाजपा को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पति श्रीनिवासन विश्व हिंदू परिषद के प्रदेश मंत्री रह चुके हैं। ऐसे में परिवार संघ और बीजेपी के काफी करीबी हैं।
- तमिलिसाई सौंदर्यराजन: 1999 से भाजपा से जुड़ी हुई हैं। राष्ट्रीय सचिव समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। तमिलनाडु में भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष (2014-2019) रह चुकी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के करीबी नेताओं में गिनी जाती हैं। तमिलनाडु में भाजपा को विपक्ष में रहते हुए भी पार्टी के विस्तार में इनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
- डी. पुरंदेश्वरी: पूर्व मुख्यमंत्री और टीडीपी संस्थापक एन.टी. रामाराव (NTR) की बेटी हैं। उन्होंने पहले कांग्रेस में रहकर केंद्रीय मंत्री के रूप में काम किया, फिर बीजेपी में शामिल हुईं। फिलहाल आंध्र प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हैं। इनको राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने से पार्टी को तेलुगु राज्यों (आंध्र प्रदेश और तेलंगाना) के जनाधार में फायदा मिल सकता है।
नितिन नबीन पांचवीं बार विधायक बने
नितिन नबीन भाजपा के अनुभवी और जमीन से जुड़े नेताओं में गिने जाते हैं। वह लगातार पांच बार विधायक रह चुके हैं और वर्तमान में पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं। वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने बांकीपुर सीट से जीत दर्ज कर पांचवीं बार विधानसभा में प्रवेश किया है। नितिन नबीन वर्तमान में बिहार सरकार में मंत्री हैं और पहले भी वे कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
भाजपा संगठन में नितिन नबीन की सक्रिय भूमिका लंबे समय से रही है। संगठनात्मक कार्यों में उनकी दक्षता और चुनावी रणनीति की समझ को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नितिन नबीन संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के साथ-साथ राज्यों में पार्टी की गतिविधियों को गति देंगे।

छत्तीसगढ़ बीजेपी के नेताओं के साथ नितिन नबीन। (फाइल फोटो)
बीजेपी छत्तीसगढ़ के प्रभारी भी नबीन
नितिन नबीन का छत्तीसगढ़ से भी गहरा नाता रहा है। वे छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रभारी है। छत्तीसगढ़ में उन्होंने संगठन विस्तार, चुनावी तैयारी और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय में उनकी भूमिका को अहम माना गया था।
छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में पार्टी को मजबूत करने में उनके अनुभव का लाभ मिला है। नितिन नबीन की नियुक्ति को भाजपा के संगठनात्मक ढांचे को और सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पहले जानिए कौन हैं नितिन नबीन, जिन्हें मिली कमान
नितिन नबीन बिहार सरकार में मंत्री हैं और भाजपा के दिग्गज नेता नबीन किशोर सिन्हा के बेटे हैं। नितिन पांच बार बांकीपुर विधानसभा सीट से विधायक चुने गए हैं। 2020 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा को बड़े अंतर से हराया था। वे भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव भी रह चुके हैं।
साल 2023 में उन्हें पहली बार छत्तीसगढ़ भाजपा का सह प्रभारी बनाया गया था। तब ओम माथुर प्रभारी थे। नितिन नबीन की हालिया उपलब्धि विधानसभा और फिर लोकसभा में छत्तीसगढ़ में भाजपा को जीत दिलाना रही है। भूपेश बघेल और कांग्रेस के दोबारा चुनाव जीतने के सपने को चूर-चूर करने में नबीन की रणनीति ने अहम योगदान दिया।
जब हुआ था नबीन पर हमला
नितिन नबीन पर एक बड़ा हमला हुआ था। पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ टिप्पणी को लेकर नुपुर शर्मा की गिरफ्तारी की मांग को लेकर देशभर में प्रदर्शन हो रहे थे। तब नबीन रांची में थे और किसी पारिवारिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने गए थे। किसी तरह उन्होंने अपनी जान बचाई थी। उनकी गाड़ी पर प्रदर्शनकारियों ने ईंट-पत्थर और रॉड से हमला किया था।


