
कोंडागांव// छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में एक आदिवासी छात्र को स्कूल से निकाला दिया गया है। ऐसे में वह अब मजदूरी कर रहा है। प्रिंसिपल का कहना है कि उसका स्टाफ की बेटी से प्रेम संबंध थे। डीईओ ने मामले में जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की बात कही है। यह मामला शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रांधाना का है।
जानकारी के मुताबिक, छात्र 12वीं कक्षा में कॉमर्स विषय से पढ़ाई कर रहा था। उसने 11वीं में 79.60 प्रतिशत अंक मिले थे। एक सप्ताह पहले स्कूल प्रबंधन ने छात्र को टीसी देकर बाहर कर दिया है। अब वह स्कूल की बजाय गांव में मजदूरी कर रहा है।
इस मामले में सरपंच पति सुकमन मरकाम ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि इसमें स्कूल प्रबंधन की पूरी लापरवाही है। छात्र के भविष्य से खिलवाड़ किया गया। मामला कोई भी हो, पहले पंचायत को जानकारी देना जरूरी था। हमें तब जानकारी मिली, जब छात्र मजदूरी करने लगा।
स्टाफ के परिवार की ओर से बनाया जा रहा था दवाब
प्रिंसिपल एलआर कश्यप ने कहा कि, छात्र होनहार था, लेकिन स्कूल के ही एक स्टाफ की बेटी से उसके प्रेम संबंध थे। स्टाफ के परिवार की ओर से लगातार दबाव बन रहा था कि छात्र को स्कूल से निकाला जाए। हमने स्टाफ मीटिंग में चर्चा के बाद टीसी दे दी, ताकि वह किसी अन्य स्कूल में दाखिला ले सके।

शिक्षकों की प्रताड़ना झेल रहा था- छात्र
निकाले गए छात्र का आरोप है कि वह दो साल से लगातार शिक्षकों की प्रताड़ना झेल रहा था। उसने कहा कि, मैंने कोई अनुशासनहीनता नहीं की। पढ़ाई में अच्छा था। फिर भी मुझे निशाना बनाया गया।”
शिक्षा सत्र शुरू होने के एक महीने के भीतर ही छात्र स्कूल से बाहर हो गया। कहीं दाखिला न मिलने और टीसी मिल जाने के कारण उसने अब गांव में मजदूरी शुरू कर दी है।
पूरी रिपोर्ट आने के बाद की जाएगी कार्रवाई- DEO
ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर माकड़ी (BEO) एसआर देवांगन ने बताया कि मामले की जांच बाल संरक्षण समिति ने भी की है। पूरी रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को भेज दी गई है। इधर, डीईओ भारती प्रधान ने कहा कि, बीईओ से मामले की जानकारी मिली है। बाल संरक्षण समिति ने भी जांच की है। पूरी रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

