
- वित्तीय व्यय रैंकिंग में 22वें से 5वें स्थान पर पहुंचा जिला, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में भी उल्लेखनीय प्रगति’
रायपुर (CITY HOT NEWS)//
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा जारी अप्रैल से सितंबर 2026 की ‘स्वास्थ्यांक’ विश्लेषण रिपोर्ट में नारायणपुर जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राज्य की शीर्ष ‘अचीवर्स’ श्रेणी में स्थान हासिल किया है। मॉनिटरिंग इंडिकेटर्स पर आधारित यह रिपोर्ट जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, योजनाओं की प्रगति और स्वास्थ्य विभाग के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है। जिले ने विभिन्न स्वास्थ्य संकेतकों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। वित्तीय प्रबंधन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण पुनर्वास, मानसिक स्वास्थ्य और कुष्ठ रोग उन्मूलन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जिले का प्रदर्शन सराहनीय रहा है।
स्वास्थ्य बजट के प्रभावी उपयोग के क्षेत्र में नारायणपुर जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2025-26 में वित्तीय व्यय रैंकिंग में 22वें स्थान पर रहा जिला इस वर्ष 17 स्थानों की छलांग लगाकर राज्य में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के रिकॉर्ड ऑफ प्रोसिडिंग के तहत जिले ने आवंटित राशि का 32.03 प्रतिशत व्यय किया है। यह उपलब्धि स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन और वित्तीय प्रबंधन में सुधार को दर्शाती है।
’मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतर प्रगति’
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी जिले ने सकारात्मक प्रदर्शन किया है। रिपोर्ट के अनुसार, नारायणपुर में संस्थागत प्रसव का प्रतिशत 54 दर्ज किया गया है, जबकि राज्य का औसत 30.3 प्रतिशत है। वहीं, पहली तिमाही में 98 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का प्रारंभिक गर्भ पंजीयन सुनिश्चित किया गया है। इससे गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने और सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने के प्रयासों को बल मिला है।
’पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चों की रिकवरी दर 86 प्रतिशत’
कुपोषित बच्चों के उपचार और पोषण सुधार के लिए संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र में भी जिले का प्रदर्शन बेहतर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र में बेड ऑक्युपेसी दर 88 प्रतिशत और बच्चों की रिकवरी दर 86 प्रतिशत दर्ज की गई है। यह कुपोषित बच्चों की देखभाल, उपचार और पोषण संबंधी सेवाओं के प्रभावी संचालन को दर्शाता है।
’मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम में लक्ष्य से अधिक उपलब्धि’
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत नारायणपुर जिले ने निर्धारित लक्ष्यों से अधिक उपलब्धि दर्ज की है। रिपोर्ट के अनुसार, मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग का आंकड़ा 173 प्रतिशत और मरीजों के उपचार का प्रतिशत 132 तक पहुंचा है। इस प्रदर्शन के लिए जिले को सर्वाेच्च स्कोर 2.00 प्रदान किया गया है। यह मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और जरूरतमंद लोगों को उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित करता है।
’कुष्ठ रोग उन्मूलन कार्यक्रम में उल्लेखनीय सफलता’
राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत भी जिले ने बेहतर परिणाम हासिल किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, नए कुष्ठ रोगियों में ग्रेड-2 विकलांगता की दर शून्य प्रतिशत दर्ज की गई है। इसके अलावा, मरीजों के संपर्क में आए संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और एसडीआर-पीईपी के तहत दवा वितरण में जिले ने 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया है। यह समय पर पहचान, संपर्कों की जांच और रोग की रोकथाम के प्रयासों को दर्शाता है।
’उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान और सुरक्षित प्रसव पर रहेगा विशेष जोर’
स्वास्थ्यांक रिपोर्ट के विश्लेषण के आधार पर आगामी महीनों में जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। वर्तमान में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान का स्तर 10 प्रतिशत है। इसे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान को और सुदृढ़ किया जाएगा। इसके अंतर्गत एएनएम और मितानिन के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की गुणवत्तापूर्ण जांच कर उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की समय पर पहचान सुनिश्चित की जाएगी। चिन्हित उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का प्रसव तथा प्रसवोत्तर अवधि तक नियमित फॉलो-अप किया जाएगा। साथ ही, सुरक्षित प्रसव के लिए उन्हें समय पर फर्स्ट रेफरल यूनिट से संबद्ध स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, जिले के दुर्गम क्षेत्रों में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के संचालन को मजबूत करने, सिकल सेल रोग की स्क्रीनिंग में तेजी लाने तथा टेली-कंसल्टेशन सेवाओं का विस्तार करने पर भी विशेष फोकस रहेगा। नारायणपुर जिले का यह प्रदर्शन स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने आगामी महीनों में भी इस प्रगति को बनाए रखते हुए दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों के नागरिकों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर विशेष जोर देने की कार्ययोजना बनाई है।

