धमतरी : मछलीपालन विभाग की योजनाओं में न्यून प्रगति पर सहायक संचालक को कारण बताओ नोटिस

  • तीन दिवस के भीतर तथ्यात्मक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश

धमतरी(CITY HOT NEWS)//

जिले में मछलीपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों के विरुद्ध न्यून प्रगति तथा हितग्राहीमूलक योजनाओं के क्रियान्वयन में अपेक्षित उपलब्धि नहीं होने पर कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने सहायक संचालक, मछलीपालन श्री एम.एस. कमल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्हें नोटिस प्राप्ति के तीन दिवस के भीतर सभी बिंदुओं पर तथ्यात्मक एवं अभिलेखीय साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

दिनांक 28 अक्टूबर को कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली समीक्षा बैठक के लिए प्रस्तुत विभागीय प्रगति रिपोर्ट के अवलोकन में कई महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति असंतोषजनक पाई गई। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले के लिए निर्धारित 37,993.54 मीट्रिक टन मत्स्य उत्पादन लक्ष्य के विरुद्ध 21,277.37 मीट्रिक टन उत्पादन दर्ज किया गया है। इसी प्रकार मत्स्य कृषक प्रशिक्षण के निर्धारित 573 हितग्राहियों के लक्ष्य के विरुद्ध 395 हितग्राहियों को ही प्रशिक्षण दिया गया है।

नोटिस में मत्स्य अंगुलिकाओं के संचयन में 700 इकाई के लक्ष्य के विरुद्ध 450 इकाई की उपलब्धि तथा झींगा पालन सहायता योजना में 50 इकाई के लक्ष्य के विरुद्ध शून्य उपलब्धि पर भी असंतोष व्यक्त किया गया है। वहीं, मत्स्य कृषकों को किसान क्रेडिट कार्ड से लाभान्वित करने के लिए निर्धारित 8,500 के लक्ष्य के विरुद्ध 1,053 प्रकरण प्रस्तुत और 516 प्रकरण स्वीकृत होना दर्शाया गया है। फिशरीज इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (FIDF) के अंतर्गत एक्वा इंश्योरेंस एवं अधोसंरचना निर्माण से संबंधित प्रकरणों में भी शून्य उपलब्धि पाई गई है।

कलेक्टर ने योजनाओं की नियमित समीक्षा, लक्ष्यपूर्ति तथा पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने की दिशा में अपेक्षित प्रयास नहीं किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की है। नोटिस में इसे पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही एवं उदासीनता का प्रथम दृष्टया मामला मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के प्रावधानों के उल्लंघन के संबंध में विचारणीय बताया गया है।

निर्धारित समय-सीमा में संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने अथवा जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए उच्च कार्यालय को लेख किए जाने की चेतावनी दी गई है।

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