कोरबा (CITY HOT NEWS)///
जिले के पोड़ी-उपरोड़ा क्षेत्र के ग्राम सिपत (भंवर) निवासी वीर सिंह के परिवार में सात सदस्य हैं। मत्स्य पालन के काम को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें संसाधनों की कमी और मछली पालन से जुड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इससे इस काम को बड़े स्तर पर कर पाना चुनौतीपूर्ण था।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की जानकारी मिलने पर वीर सिंह ने योजना के तहत आवेदन किया। उन्हें पिंजरा मत्स्य पालन के लिए सहायता मिली, जिससे मत्स्य पालन को व्यवस्थित रूप से करने का अवसर मिला। इस सहायता से उनकी आजीविका को नया आधार मिला और परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ।
वीर सिंह के अनुसार, मत्स्य पालन से अब उनकी वार्षिक आय लगभग 4 लाख 50 हजार रुपये तक पहुंच गई है। योजना से मिली मदद ने उन्हें अपनी मेहनत और संसाधनों का बेहतर उपयोग करने में सहारा दिया है। वीर सिंह इस सहयोग के लिए मत्स्य विभाग और छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। यह कहानी बताती है कि योजनाओं की सही जानकारी और समय पर मिली सहायता ग्रामीण परिवारों की आजीविका को मजबूत कर सकती है।


