रायपुर : सेवा की कहानी: महतारी वंदन योजना से बिरहोर समुदाय की कमला बाई के घर में जल रहा उम्मीदों का चूल्हा

महतारी वंदन योजना से बिरहोर समुदाय की कमला बाई के घर में जल रहा उम्मीदों का चूल्हा
  • हर महीने मिलने वाले एक हजार रुपये से घर में आ रहा राशन, परिवार की थाली में पहुंच रही दाल-सब्जी
  • विशेष पिछड़ी जनजाति की महिलाओं के लिए आर्थिक संबल बनी महतारी वंदन योजना

रायपुर (CITY HOT NEWS)//

घर में राशन की जरूरत हो या परिवार के लिए दाल-सब्जी का इंतजाम, सीमित आय वाले परिवारों में छोटी-छोटी जरूरतें भी बड़ी चिंता बन जाती हैं। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम बीरसिंघा में रहने वाली विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर समुदाय की कमला बाई के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की महतारी वंदन योजना ऐसी ही चिंताओं को कम करने का सहारा बनी है। योजना के तहत हर महीने मिलने वाले एक हजार रुपये से वे अपने परिवार के लिए राशन, दाल, आलू और साग-सब्जी खरीदती हैं। यह राशि भले ही छोटी दिखाई दे, लेकिन कमला बाई के परिवार के लिए इसका महत्व बड़ा है। इससे घर की रसोई चलाने और परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में मदद मिल रही है।

छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ विशेष पिछड़ी जनजातियों के परिवारों तक भी सहायता पहुंचा रही है। दूरस्थ वनांचल में रहने वाली बिरहोर समुदाय की महिलाओं के लिए नियमित रूप से मिलने वाली यह राशि घरेलू जरूरतों को पूरा करने का भरोसेमंद माध्यम बन रही है। कमला बाई की कहानी बताती है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक महत्व तब सामने आता है, जब उनका लाभ जरूरतमंद परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाता है।

“महतारी वंदन के पैसा ले दाल, आलू अउ साग-सब्जी खरीदथन”

कमला बाई अपनी सहज छत्तीसगढ़ी बोली में बताती हैं, “महतारी वंदन से जो पैसा मिलथे, वोकर से दाल, आलू अउ घर बर जरूरी साग-सब्जी खरीदथन। घर के सब झन मिल-जुल के खाथन। पैसा घर के खान-पान अउ राशन म ही खर्च हो जाथे।”

उनकी इन बातों में योजना से मिले आर्थिक सहयोग का वास्तविक महत्व झलकता है। कमला बाई के लिए हर महीने मिलने वाले एक हजार रुपये का मतलब है परिवार के लिए जरूरी खाद्य सामग्री खरीदने में सहूलियत। वे इस राशि का उपयोग किसी बड़े खर्च के बजाय घर की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में करती हैं। महीने भर की घरेलू जरूरतों के बीच यह नियमित सहायता उनके परिवार के लिए उपयोगी साबित हो रही है।

सीमित आय वाले परिवार को मिला नियमित आर्थिक सहारा

धरमजयगढ़ के वनांचल क्षेत्रों में निवासरत बिरहोर समुदाय के अनेक परिवार सीमित आजीविका संसाधनों पर निर्भर हैं। ऐसे परिवारों की महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना से प्राप्त राशि का उपयोग महिलाएं अपनी जरूरतों के अनुसार कर रही हैं। कोई घरेलू सामान खरीद रही है तो कोई परिवार के खान-पान और राशन की व्यवस्था में इसका उपयोग कर रही है।

कमला बाई भी इन्हीं महिलाओं में शामिल हैं, जिनके लिए यह सहायता परिवार की दैनिक जरूरतों को पूरा करने का माध्यम बनी है। हर महीने उनके खाते में आने वाली राशि से घर के आवश्यक खर्चों को संभालने में मदद मिलती है। इससे परिवार की सीमित आय के बीच उन्हें अतिरिक्त आर्थिक सहारा प्राप्त हो रहा है।

बिरहोर महिलाओं के जीवन में बदलाव ला रही महतारी वंदन योजना

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना का लाभ समाज के दूरस्थ और विशेष पिछड़ी जनजातीय समुदायों की महिलाओं तक भी पहुंच रहा है। रायगढ़ जिले में बिरहोर समुदाय की सैकड़ों महिलाएं इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं। प्रतिमाह मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता उनके लिए घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ आर्थिक संबल का माध्यम बन रही है।

कमला बाई ने योजना के तहत मिल रही नियमित आर्थिक सहायता के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इस राशि से परिवार के लिए राशन और जरूरी खाद्य सामग्री खरीदने में काफी सहूलियत मिलती है।

कमला बाई की यह कहानी दर्शाती है कि जनकल्याणकारी योजनाओं से मिलने वाली आर्थिक सहायता का प्रभाव केवल बैंक खाते में जमा होने वाली राशि तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह जरूरतमंद परिवारों की रसोई, उनकी दैनिक जरूरतों और जीवन की छोटी-छोटी चिंताओं को कम करने में भी दिखाई देता है।

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