छत्तीसगढ़ में अलग-अलग सड़क हादसों में 3 CRPF जवानों समेत 7 लोगों की मौत….खड़ी ट्रक में कार घुसने से 3 CRPF जवान और 1 ड्राइवर तो खड़ी ट्रक में बाइक घुसने से 3 दोस्तों की गई जान…

धमतरी// छत्तीसगढ़ में अलग-अलग सड़क हादसों में 3 CRPF जवानों समेत 7 लोगों की जान चली गई। पहली घटना धमतरी जिले की है। जहां बस्तर में तैनात जवान छुट्टी पर घर लौट रहे थे। 14 फरवरी की सुबह सभी रायपुर एयरपोर्ट की ओर जा रहे थे, तभी धमतरी बायपास में उनकी तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़ी ट्रक में जा घुसी। हादसे में 3 जवान और 1 ड्राइवर की मौत हो गई। एक अन्य जवान घायल हुआ है। मामला अर्जुनी थाना क्षेत्र का है।

छत्तीसगढ़ में अलग-अलग सड़क हादसों में 7 लोगों की जान चली गई। - Dainik Bhaskar

छत्तीसगढ़ में अलग-अलग सड़क हादसों में 7 लोगों की जान चली गई।

दूसरी घटना बालोद जिले की है। जहां 13 फरवरी की रात घूमने निकले 3 दोस्तों की बाइक सड़क किनारे खड़ी ट्रक से जा घुसी। बालोद-दल्लीराजहरा मेन रोड के जमही टोल प्लाजा के पास हुई इस घटना में सिर फटने से तीनों की मौके पर ही जान चली गई। मामला दल्लीराजहरा थाना क्षेत्र का है।

देखिए पहले हादसे की तस्वीरें

हादस के बाद जवान मृत और घायल अवस्था में फंसे रहे।

हादस के बाद जवान मृत और घायल अवस्था में फंसे रहे।

क्रेन और कटर, सब्बल की मदद से शव को बाहर निकाला गया।

क्रेन और कटर, सब्बल की मदद से शव को बाहर निकाला गया।

हादसे में कार की ऊपरी छत पूरी तरह उखड़ गई थी।

हादसे में कार की ऊपरी छत पूरी तरह उखड़ गई थी।

हादसे में जान गंवाने वाले मुकेश कुमार झारखंड के रहने वाले थे।

हादसे में जान गंवाने वाले मुकेश कुमार झारखंड के रहने वाले थे।

मृतक जवानों में ये शामिल

1. मुकेश कुमार हेड कंस्टेबल, रांची झारखण्ड 2. उमेन्द्र सिंह SI, झुनझुनू राजस्थान 3. राजकुमार गौड़, कांस्टेबल, बलिया उत्तरप्रदेश 4. हिरा लाल नागर, ड्राइवर, रीवा मध्यप्रदेश

केस 1 – छुट्टी पर घर लौट रहे 3 जवानों की मौत

जानकारी के अनुसार, चारों जवान कोबरा बटालियन 201 बस्तर में तैनात थे। वे झारखंड, यूपी राजस्थान के रहने वाले थे। बताया जा रहा है होली की छुट्टी लेकर लौट रहे थे। 14 फरवरी की सुबह जगदलपुर से रायपुर एयरपोर्ट जाते समय धमतरी खपरी बाईपास उनकी गाड़ी सड़क किनारे खड़ी ट्रक के पीछे जा घुसी।

रफ्तार तेज होने के कारण कार की छत उड़ गई, चारों एयरबैग खुल गए। मौके पर ही 2 जवानों ने दम तोड़ दिया। जबकि 3 गंभीर रूप से घायल हो गए। वहां मौजूद ग्रामीणों ने फौरन पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने क्रेन, कटर और सब्बल की मदद से शव और घायलों को बाहर निकाला।

इसके बाद एम्बुलेंस की मदद से घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया है। जहां ड्राइवर और एक जवान ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जबकि घायल अभिमान राय की हालत देखते हुए उसे प्राथमिक इलाज के बाद रायपुर रेफर कर दिया गया है।

घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई थी। पुलिस, प्रशासन के अधिकारी सब पहुंचे चुके थे। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवाया गया।

घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई थी। पुलिस, प्रशासन के अधिकारी सब पहुंचे चुके थे। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवाया गया।

केस 2 – नई बाइक में घुमने निकले दोस्तों की मौत

13 फरवरी की रात बालोद जिले के गुजरा गांव का रहने वाला प्रशांत मलेंद्र (20) अपनी चाचा की नई बाइक लेकर 2 दोस्तों के साथ घूमने निकला था। घूमकर सभी रात 9 बजे कुसुमकसा से वापस लौट रहे थे। गाड़ी की रफ्तार तेज थी। तभी बालोद-दल्लीराजहरा मेन रोड पर जमही टोल प्लाजा के पास सड़क किनारे खड़ी ट्रक में उनकी बाइक जा घुसी।

हादसा इतना भयंकर था कि तीनों का सिर बुरी तरह से फट गया। एक युवक का चेहरा चपट गया था। तीनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस सड़क पर लापरवाहीपूर्वक खड़े ट्रक के ड्राइवर की तलाश कर रही है। मामले की जांच जारी है।

देखे हादसे की तस्वीरें

इनमें 2 युवकों का सिर फट गया था। एक अन्य युवक का चेहरा सामने से चपट गया था।

इनमें 2 युवकों का सिर फट गया था। एक अन्य युवक का चेहरा सामने से चपट गया था।

टक्कर के बाद बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी।

टक्कर के बाद बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी।

दो घरों के इकलौते चिराग बुझ गए

हादसे में जान गंवाने वाले तीनों युवक साधारण परिवारों से ताल्लुक रखते थे। मृतक विनोद कृपाल दो भाइयों में छोटा था। उसके पिता गुहाराम का पहले ही निधन हो चुका है। मां बालोद जिला अस्पताल में ठेका पद्धति से साफ-सफाई का काम कर परिवार का भरण-पोषण कर रही है।

प्रशांत मलेंद्र अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनें हैं। पिता गंगाराम मलेंद्र गांव से बाहर रहकर मजदूरी और मिस्त्री का काम करते हैं। हादसे की सूचना मिलने के समय भी वे काम के सिलसिले में बाहर गए हुए थे।

मृतक हरीश कुमार चुरेन्द्र की भी एक बड़ी बहन है और वह घर का इकलौता चिराग था। उसके पिता हेमंत चुरेन्द्र गांव में कृषि कार्य करते हैं। एक ही गांव के तीन युवकों की एक साथ मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर है। गांव में मातम पसरा हुआ है।

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