- 54 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों को मिलेअधिकार अभिलेख
- मड़ईभाटा के देवेंद्र देवांगन बने योजना के बड़े उदाहरण, प्रॉपर्टी कार्ड के दम पर 14.75 लाख का लोन लेकर शुरू किया व्यवसाय
रायपुर (CITY HOT NEWS)//
धमतरी जिले में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण अंचलों में आर्थिक सशक्तिकरण की एक नई लहर दौड़ पड़ी है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शुरू की गई इस पहल के तहत धमतरी जिले में लगभग 78 हजार अधिकार अभिलेखों के वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से अब तक 54 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों को उनकी आवासीय संपत्ति के अधिकार अभिलेख सौंपे जा चुके हैं और शेष अभिलेखों का वितरण आगामी एक माह में पूरा किया जाना प्रस्तावित है।
’जमीन का विधिक अधिकार-पत्र उपलब्ध कराना’
इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में आवासीय संपत्तियों का सर्वेक्षण कर पात्र परिवारों को उनकी जमीन का विधिक अधिकार-पत्र उपलब्ध कराना है, जिससे न केवल उनके अधिकारों को मजबूती मिलती है बल्कि संपत्ति का उपयोग आर्थिक उन्नति के साधन के रूप में करने के नए अवसर भी पैदा होते हैं।
’संपत्ति का वैधानिक हक और वित्तीय आजादी’
’प्रेरक सफलता: मड़ईभाटा के देवेंद्र देवांगन बने स्वरोजगार के रोल मॉडल’
प्रॉपर्टी कार्ड मिल जाने से ग्रामीण परिवारों को अब बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों से ऋण प्राप्त करने में भारी सहायता मिल रही है, जिससे वे आवास निर्माण, मरम्मत और स्वरोजगार जैसे कार्य आसानी से कर पा रहे हैं। इसी का एक जीवंत और प्रेरक उदाहरण धमतरी जिले के ग्राम मड़ईभाटा के लघु कृषक देवेंद्र देवांगन हैं, जिन्हें 17 मई 2025 को स्वामित्व योजना के तहत अपना प्रॉपर्टी कार्ड प्राप्त हुआ था। इस विधिक अभिलेख को आधार बनाकर उन्होंने आईडीएफसी बैंक से 14.75 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया और अपने गांव में ही श्देवांगन टेलर्स एंड रेडीमेड गारमेंट्सश् के नाम से अपनी खुद की दुकान शुरू की। श्री देवांगन की यह सफलता अन्य ग्रामीणों के लिए भी एक मिसाल बन चुकी है जो यह दर्शाती है कि स्पष्ट संपत्ति दस्तावेज किस प्रकार आजीविका के नए द्वार खोल सकते हैं।
’वैध दस्तावेजों के मिलने से भविष्य में स्वामित्व विवादों के स्वतः निराकरण’
धमतरी जिले में इन जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर पूरी मुस्तैदी से उतारा जा रहा है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक सुरक्षा, सामाजिक प्रतिष्ठा और आत्मनिर्भरता लगातार मजबूत हो रही है। संपत्ति संबंधी इन वैध दस्तावेजों के मिलने से भविष्य में स्वामित्व विवादों के स्वतः निराकरण में भी मदद मिल रही है। कुल मिलाकर, धमतरी में स्वामित्व योजना का यह सफल क्रियान्वयन ग्रामीणों को केवल संपत्ति के अधिकार से ही नहीं जोड़ रहा, बल्कि उन्हें आर्थिक अवसरों और आत्मनिर्भर गांवों की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में भी एक मजबूत गति दे रहा है।

