
रायपुर (CITY HOT NEWS)//
पारिवारिक जीवन में महिलाएं अपने खर्चे के लिए तब तक चिंता नहीं करती हैं जब तक उनके पति साथ होते हैं। वह अपने पति की कमाई पर अपना पूरा हक मानकर खर्च करती हैं। लेकिन जब पति का यह साथ असमय छूट जाता है तो फिर पत्नी के लिए अपने खर्चे के लिए दूसरे से पैसे मांगना बेहद कष्टकारी हो जाता हैं। कोरिया जिले के ग्राम पंचायत खरवत में रहने वाली श्रीमती तारादेवी के लिए भी जीवन में कुछ ऐसी ही कठिनाई सामने थी। कुछ समय पहले पति का देहांत हो जाने से उनके लिए अकेले जीवन में आर्थिक संबल ना होना उनके लिए बेहद कष्टदायक रहता था।
श्रीमती तारादेवी ने भावुक होते हुआ बतलाया कि पति के जाने के बाद वह अपने दैनिक जरुरतों के लिए भी परिवार पर आश्रित हो गई थीं। ऐसे में उन्हे हमेशा कुछ भी खर्च करने से पहले परिजनों से पैसे मांगने पर बहुत संकोच होता था।
जब से मुख्यमंत्री विष्णु भैय्या महतारी वंदन की राशि हर महीने खाते में भेज देते हैं तो अब कोई चिंता नहीं है। अकेलेपन में हर महीने मिलने वाली राशि से उनका दैनिक खर्च बहुत आराम से चल जाता है। श्रीमती तारा देवी को महतारी वंदन एवं विधवा पेंशन से रकम प्राप्त हो जाती है और उनका खर्च आसानी से पूरा हो जाता है।

