रायपुर : दूरस्थ डाहीबहरा की उर्मिला बैगा के सपनों को मिली नई उड़ान

दूरस्थ डाहीबहरा की उर्मिला बैगा के सपनों को मिली नई उड़ान
  • सामूहिक प्रयास से पीएम श्री विद्यालय में कक्षा 11वीं में प्रवेश, छात्रावास की सुविधा भी मिली; अब बिना आर्थिक बाधा जारी रख सकेगी पढ़ाई

रायपुर (CITY HOT NEWS)//

दूरस्थ ग्रामीण अंचलों के प्रतिभावान बच्चों की शिक्षा में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए किए गए सामूहिक प्रयास की एक प्रेरणादायी मिसाल सामने आई है। गौरेला विकासखंड के दूरस्थ ग्राम डाहीबहरा की बालिका कुमारी उर्मिला बैगा को पेण्ड्रा स्थित पीएम श्री सेजेस हिंदी माध्यम शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 11वीं में प्रवेश मिल गया है। इसके साथ ही उसकी पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए पोस्ट मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास, पेण्ड्रा में भी प्रवेश दिलाया गया है।

उर्मिला के पिता श्री रामचरण बैगा कृषि मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उर्मिला के लिए अपने गांव से बाहर रहकर आगे की पढ़ाई करना आसान नहीं था। ग्राम अंधियारखोह में कक्षा 10वीं तक ही पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध होने के कारण कक्षा 11वीं में प्रवेश उसके सामने बड़ी चुनौती बन गया था। आगे पढ़ने की इच्छा और आर्थिक परिस्थितियों के बीच यह बाधा उसके शिक्षा के सपने को प्रभावित कर सकती थी।

प्राचार्य की पहल से शुरू हुआ प्रयास

उर्मिला की पढ़ाई से जुड़ी इस समस्या की जानकारी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सरकारी पारा की प्राचार्य श्रीमती मोनिका जैन को मिली। उन्होंने तत्काल इस विषय को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी श्री रजनीश तिवारी को अवगत कराया। जिला शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में प्राचार्य श्रीमती मोनिका जैन एवं जिला समन्वयक सुश्री सरस्वती यादव ने पहल करते हुए उर्मिला के लिए आगे की पढ़ाई का रास्ता सुगम बनाया।

प्रयासों के फलस्वरूप उर्मिला को पेण्ड्रा के पीएम श्री विद्यालय में कक्षा 11वीं में प्रवेश दिलाया गया। प्राचार्य श्रीमती मोनिका जैन ने उसके प्रवेश शुल्क की व्यवस्था की, जिससे आर्थिक कठिनाई उसकी पढ़ाई के रास्ते में बाधा न बने।

जनप्रतिनिधि ने उपलब्ध कराई पढ़ाई की जरूरी सामग्री

उर्मिला की शिक्षा को और सुविधाजनक बनाने के लिए नगर पालिका परिषद पेण्ड्रा के अध्यक्ष श्री राकेश जलान ने भी सहयोग का हाथ बढ़ाया। उन्होंने उर्मिला को स्कूल ड्रेस, पुस्तकें, कॉपियां एवं जूते उपलब्ध कराए। इस सहयोग से अब उर्मिला को पढ़ाई के लिए आवश्यक बुनियादी सामग्री की चिंता भी नहीं रहेगी।

छात्रावास मिलने से दूर हुआ सबसे बड़ा संकट

उर्मिला के लिए सबसे बड़ी चुनौती पेण्ड्रा में रहकर पढ़ाई करना था। जिला शिक्षा अधिकारी श्री रजनीश तिवारी के प्रयासों से उसे पोस्ट मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास, पेण्ड्रा में प्रवेश मिल गया। छात्रावास में आवासीय सुविधा उपलब्ध होने से अब वह सुरक्षित वातावरण में रहकर नियमित रूप से अपनी पढ़ाई जारी रख सकेगी।

जिला शिक्षा अधिकारी श्री रजनीश तिवारी ने उर्मिला को मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और आर्थिक अथवा भौगोलिक परिस्थितियां किसी भी विद्यार्थी के सपनों के आड़े नहीं आनी चाहिए।

सामूहिक संवेदनशीलता ने बदली उर्मिला की राह

उर्मिला को विद्यालय में प्रवेश, प्रवेश शुल्क की व्यवस्था, शैक्षणिक सामग्री और छात्रावास जैसी सुविधाएं मिलना इस बात का उदाहरण है कि जब शिक्षा के प्रति प्रशासन, विद्यालय और समाज मिलकर संवेदनशीलता के साथ प्रयास करते हैं, तो कठिन परिस्थितियों में भी बच्चों के सपनों को पंख दिए जा सकते हैं।

अब उर्मिला बिना किसी बड़ी आर्थिक बाधा के कक्षा 11वीं की पढ़ाई जारी रख सकेगी। इस पहल ने न केवल उसकी वर्तमान शिक्षा को सुरक्षित किया है, बल्कि उसके उच्च शिक्षा के सपने को भी नई दिशा दी है। उर्मिला जैसी बालिकाओं को आगे बढ़ाने के ऐसे प्रयास ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकते हैं।

इस अवसर पर नगर पालिका परिषद पेण्ड्रा अध्यक्ष श्री राकेश जलान, श्री राकेश चतुर्वेदी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी पेण्ड्रा श्री आर.एन. चंद्रा, श्री बालमुकुंद अग्रवाल, श्री आलोक शुक्ला सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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