
- आजीविका बी.बी. राम जी के माध्यम से ननकू यादव के खेत में हुआ डबरी का निर्माण
- वर्षा जल संरक्षण से पानी की उपलब्धता बढ़ी, खेती और मछली पालन को मिला संबल
रायपुर (CITY HOT NEWS)//

ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के छोटे प्रयास जब आजीविका से जुड़ते हैं, तो वे परिवारों के लिए स्थायी सहारा बन जाते हैं। सरगुजा जिले के ननकू यादव पिता श्री चमरू यादव के लिए खेत में बनी डबरी इसका उदाहरण है। आजीविका बी.बी. राम जी के माध्यम से निर्मित इस डबरी में वर्तमान में पर्याप्त पानी उपलब्ध है। इससे वर्षा जल का संरक्षण होने के साथ खेती और मछली पालन जैसी गतिविधियों के लिए स्थानीय स्तर पर जलस्रोत उपलब्ध हुआ है।
बारिश का पानी सहेजा, भूजल पुनर्भरण को भी मिला बढ़ावा
डबरी के निर्माण से वर्षा के पानी को एकत्रित कर लंबे समय तक उपयोग करना संभव हुआ है। डबरी में संचित पानी आवश्यकता के अनुसार खेती सहित अन्य आजीविका गतिविधियों में उपयोग किया जा रहा है। वहीं पानी के जमीन में रिसाव से भूजल पुनर्भरण में भी मदद मिल रही है। इससे स्थानीय स्तर पर जल संरक्षण और जल संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिला है।
खेती के साथ मछली पालन से बढ़ी आजीविका की संभावनाएं
ननकू यादव बताते हैं कि डबरी उनके लिए बेहद उपयोगी साबित हुई है। पहले जहां बारिश का पानी बहकर निकल जाता था, वहीं अब उसे सहेजकर जरूरत के समय उपयोग किया जा रहा है। डबरी में उपलब्ध पानी से खेती को सहारा मिला है और मछली पालन की गतिविधि भी शुरू हो सकी है। इससे परिवार की आजीविका को अतिरिक्त संबल मिला है।
ननकू यादव ने डबरी निर्माण के लिए विष्णु देव साय सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जल संरक्षण का यह प्रयास उनके परिवार के लिए उपयोगी साबित हो रहा है।
ननकू यादव के लिए यह डबरी अब केवल पानी संग्रहण का साधन नहीं, बल्कि जल संरक्षण, भूजल संवर्धन और आजीविका के विस्तार का आधार बन गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के जल संरक्षण कार्य वर्षा जल को सहेजने के साथ स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और परिवारों की आजीविका को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

